November 24, 2020

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कोल इंडिया एमडीओ के माध्‍यम से उत्‍पादन बढ़ायेगा परियोजनाओं में सीसीएल की हिस्सेदारी 45 मिलियन टन प्रति वर्ष होगी

राँची:-  सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने उत्पादन बढ़ाने की दिशा में नयी पहल के तहत माइन डेवलपर सह ऑपरेटर (एमडीओ) के माध्‍यम से परिचालन हेतु 15 ग्रीनफील्‍ड खनन प्रोजेक्‍टस की पहचान की गयी है। इन 15 चिन्हित खदानों में 12 कोल ब्लॉक खुली खदानें (ओसीएम) हैं जबकि तीन भूमिगत हैं। इन सभी खदानों की लक्षित क्षमता कुल लगभग 168 मिलियन टन प्रति वर्ष है। खुली खदान के माध्‍यम से लक्षित क्षमता 162 मिलियन टन प्रति वर्ष है और शेष 6 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता भूमिगत परियोजनाओं की है। प्रबंधन द्वारा इन खदानों के लिये अनुबंध की अवधि 25 वर्ष या खदान के जीवनकाल में से जो कम हो, तय की जायेगी।

कोल इंडिया ने उत्पादन में वृद्धि और आगामी वर्षों में कोयले के आयात पर निर्भरता को कम करने के लिये अपनी खदानों में एमडीओ को शामिल करने की एक परिवर्तनकारी योजना तैयार की है। कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक मंडल ने हाल ही में एमडीओं के लिए स्‍टैंर्डड बिड डाक्‍युमेंट और निविदा संबंधी स्‍वीकृति दी है। कोल इंडिया वित्‍तीय वर्ष 2021-22 तक औपचारिकताएं पूरी करने की योजना बना रही है, ताकि सभी परियोजनाएं समय पर प्रारंभ हो जाएं और 2023-24 तक एक अरब टन में योगदान देने के लिये उत्पादन शुरू कर सकें।

एमडीओ के माध्‍यम से परिचालन के लिये चिह्नित परियोजनाओं में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की हिस्सेदारी 45 मिलियन टन प्रति वर्ष होगी जबकि महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) एवं साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स(एसईसीएल) की हिस्सेदारी क्रमश: 65.5 मिलियन टन प्रति वर्ष एवं 52.4 मिलियन टन प्रति वर्ष होगी। इसके अतिरिक्‍त ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के पास क्रमशः 3 मिलियन टन प्रति वर्ष और प्रति वर्ष 2 मिलियन लाख टन की लक्षित क्षमता वाली परियोजनाएं होंगी।

वित्‍तीय वर्ष 2019-20 में सीसीएल के कोतरे-बसंतपुर एवं पचमो (केबीपी) में 5 मिलियन टन है जबकि एमसीएल के सायरमल ओसी में 40 मिलियन टन की लक्षित क्षमता है जो निविदा (एनआईटी) के माध्‍यम से आमंत्रित किया जा चुका है।

वर्तमान वित्‍तीय वर्ष (2020-21)  में 5 परियोजनाएं जिनका कुल क्षमता 68 मिलियन टन प्रति वर्ष है का एनआईटी आमंत्रित किया जायेगा और 8 शेष परियोजना का निविदा आमंत्रण वित्‍तीय वर्ष 2021-22 में किया जायेगा।

एमडीओ मॉडल के माध्‍यम से कोयला खनन में विभिन्‍न लाभ परिलक्षित होंगे जैसे नयी-नयी तकनीकी, परिचालन क्षमता के साथ-साथ उत्पादन में वृद्धि होगी। एमडीओ के कारण आर.आर. संबंधित मामले, भूमि अधिग्रहण, राज्य एवं केंद्रीय प्रदूषण बोर्डों के साथ समन्वय आदि प्राप्‍त करना सुलभ होगा। इस मॉडल के माध्‍यम से संबंधित स्‍थान के आसपास बुनियादी संरचना को भी विकसित किया जायेगा।

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