November 30, 2020

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घोषणा पत्र के अनुरूप हर हाथ को काम उपलब्ध कराने की कोशिश- कांग्रेस

राँची:- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा है कि पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2019 के दौरान अपने घोषणा पत्र में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने और काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा किया था, इसी दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सह वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में मनरेगा की तर्ज पर सूबे में शहरी क्षेत्र में अकुशल श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित मुख्यमंत्री श्रमिक योजना को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के मार्गनिर्देशन और तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देने के लिए मनरेगा योजना की शुरुआत हुई थी, अब इसी तरह से झारखंड में कांग्रेस गठबंधन की सरकार शहरी क्षेत्रों में भी अकुशल श्रमिकों के लिए रोजगार गारंटी योजना की शुरुआत कर रही है। इस योजना के लागू हो जाने से काम नहीं मिलने पर निबंधित श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता भी देने का प्रावधान है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरन और वित्तमंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव प्रस्तावित योजना को मूर्त्त रूप देने में जुटे है और यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही यह योजना धरातल पर उतर पाएगी। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रोजगार गारंटी कानून को लागू करने वाला झारखंड देश का संभवतः पहला राज्य होगा, यह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के मार्गनिर्देशन का ही परिणाम है कि झारखंड समेत देश के अन्य कांग्रेस शासित राज्यों या कांग्रेस के समर्थन से चल रही सरकार में जनहित के मुद्दों को ही ध्यान में रखकर सभी निर्णय लिये जाते है, कांग्रेस ने कभी भी किसी पूंजीपतियों या व्यवसायी मित्रों को लाभ दिलाने का कोई कदम नहीं उठाया है।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि मनरेगा की तर्ज पर ही इस योजना के तहत भी शहरी क्षेत्रों के कामगारों को सालभर में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी और काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता का लाभ भी दिया जाएगा। बताया गया है कि बेरोजगारी भत्ता पहले माह न्यूनतम मजदूरी का एक चौथाई,दूसरे माह न्यूनतम मजदूरी का आधा और तीसरे महीने न्यूनतम मजदूरी के बराबर होगा। वहीं शहरी क्षेत्रों में किर्यान्वित होने वाली मनरेगा योजनाओं में कार्यस्थल पर श्रमिकों के लिए शुद्ध पेयजल, फर्स्ट एड बॉक्स सहित हर तरह की सुविधा उपलब्ध रहेगी, वहीं महिला मजदूर कार्यस्थल पर कार्य करती है, तो वहां उनके बच्चों को रखने की भी व्यवस्था होगी, ताकि वह निश्चित होकर कार्य कर सके। पार्टी इस कार्य योजना का स्वागत करती है।

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