November 27, 2020

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प्रवासी श्रमिकों की स्किल मैपिंग, सभी को रोजगार -स्वरोजगार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना

लॉकडाउन में घर लौटे प्रवासी श्रमिकों को मिलेगा काम

राँची:- कोरोना वायरस के देशव्यापी लॉकडाउन के बीच देशभर के विभिन्न हिस्सों से साढ़े छह लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक घर वापस लौट आये है। राज्य सरकार ने इन प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्य योजना बनायी है, जिसके तहत सभी प्रवासी श्रमिकों की स्किल मैपिंग की जा रही है। स्किल मैंपिंग की मदद से प्रवासी श्रमिकों की दक्षता और कार्य क्षमता के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। फिर उसी अनुरूप उन्हें काम उपलब्ध कराये जाने की योजना है।
राज्य सरकार की ओर से प्रवासी श्रमिकों की स्किल मैपिंग के लिए जगह-जगह विशेष कैंप लगायी जा रही है, जहां प्रवासी कामगार अपना निबंधन करा रहे है। इन सभी का विस्तृत डेटाबेस तैयार कर सरकार ने उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं अथवा स्वरोजगार में मदद उपलब्ध करा कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की योजना बनायी है।
इस संबंध में पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त अरवा राजकमल ने बताया कि जिला प्रशासन के नियोजन कार्यालय से निबंधन के समय उपलब्ध करवाए गए संपर्क नंबर पर बातचीत कर उनकी स्किल मैपिंग की जा रही है। इसके तहत् अभी तक जिले में करीब छह हजार प्रवासी श्रमिकों के कौशल से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई है। इनमें से दो हजार कामगार अप्रशिक्षित तथा चार हजार व्यक्ति अर्द्ध प्रशिक्षित (काम करने के दौरान सीखने वाले) के रूप में चिन्हित किए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों से संपर्क स्थापित करते हुए किस कार्य में उन्होंने कौशल का प्रशिक्षण लिया है या किसी विशेष कार्य क्षेत्र में प्रशिक्षित हैं और उनका भविष्य का क्या प्लान है यानि वह यहां रहना चाहते हैं अपनी खेती करना चाहते हैं, या लोकल संसाधनों का प्रयोग कर कुछ और करना चाहते हैं, या मनरेगा के तहत् सरकारी योजनाओं से जुड़ना चाहते हैं, या इसी तरह का रोजगार अगर चाईबासा के आसपास उन्हें दे सकें तो करने के इच्छुक हैं, इन सभी चीजों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ’बहुत जल्द ही उद्योग विभाग के द्वारा यह कोशिश की जाएगी। जीएम डीआईसी के साथ बैठक आयोजित कर आयडा क्षेत्र में चाईबासा के नज़दीक इस प्रमंडल में जो-जो कंपनी इच्छुक हैं यहां के कुशल श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए, उनके साथ भी बैठक आयोजित कर उनसे एक रिक्वायरमेंट भी लिया जाएगा। कितने ऐसे मज़दूर या कुशल मज़दूर की आवश्यकता होगी, उसी के आधार पर हम लोग नियोक्ता के साथ इनको टैग करेंगे और उनको सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि उन लोगों को भी संबंधित ट्रेनिंग देते हुए अपनी कंपनी में रोज़गार दे पाएं और जिला प्रशासन इसके लिए प्रयासरत रहेगा। उपायुक्त के द्वारा जानकारी दी गई कि ’जिले में मनरेगा के तहत् कभी भी इतनी ज्यादा संख्या में मज़दूर काम नहीं कर रहे थे, जितना अभी मनरेगा से जुड़े हैं। लेकिन एक दीर्घकालिक व्यवस्था के तहत् इनको इच्छित कौशल क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करवाना जिला प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण बात होगी और नये इंडस्ट्रीज खोलने के लिए कोई अगर इच्छुक हैं तो चाईबासा में जियाडा में जो लैंड ट्रांसफर किया गया है वहां कुछ और इंडस्ट्री स्टार्ट करना चाहते हैं विशेषकर टाइल्स मेकिंग हो या कुछ सेरामिक से संबंधित शुरू करना चाहते हैं तो उसको भी संबंधित विभाग से जोड़ते हुए उनको जल्दी से जल्दी अपनी कंपनी स्टार्ट करने में भी जिला प्रशासन उनको मदद करेगा।

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