November 24, 2020

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गलवान घाटी में शहीद गणेश हांसदा की अंत्येष्टि अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब

जमशेदपुर:- भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में शहीद गणेश हांसदा के अंतिम दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। रांची के नामकुम स्थित आर्मी कैंप से शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचने पर सबसे पहले घर ले जाया गया, जहां जनजातीय परंपरा के अनुरूप परिजनों अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की गयी।

शहीद को शस्त्र झुका कर दी गयी अंतिम सलामी
घर में अंतिम संस्कार की रस्म पूरा करने के बाद पार्थिव शरीर को अंत्येष्टि के लिए लाया गया, जहां मौजूद आर्मी के अधिकारियों, पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों समेत अन्य गणमान्य लोगों ने पुष्प अर्पित कर अंतिम श्रद्धांजलि दी। पिता द्वारा मुखाग्नि देने के बाद मौके पर उपस्थित सैन्य जवानों ने शहीद को शस्त्र झुका कर अंतिम सलामी दी।

चीन के खिलाफ दिखा आक्रोश

इससे पहले पार्थिव शरीर पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड के चिगड़ा पंचायत के कोसाफलिया गांव पहुंचते ही भारत माता की जय, गणेश हांसदा अमर रहे, चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करो, के नारे से पूरा गांव गूंज उठा। शहीद गणेश हांसदा का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से आज 10ः15 बजे बहरागोड़ा हवाई अड्डा पहुंचा । वहां से पूरे सम्मान के साथ उनके निवास स्थल कोसाफलिया गांव ले जाया गया। पूरा गांव और आसपास के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा है। लोग वीर शहीद गणेश हांसदा अमर रहे का नारा लगा रहे हैं और चीन से बदला लेने की बात कर रहे हैं। सभी आक्रोशित नजर आये।

बड़े भाई ने कहा- शहादत पर गर्व

शहीद गणेश के बड़े भाई ने कहा कि चीन ने छल-कपट कर भारतीय सेना पर पीछे से हमला किया। उन्होंने कहा कि सैन्य परंपरा का उल्लंघन कर चीनी सैनिकों ने पीठ पर छूरा घोंपने का काम किया है, भाई मातृभूमि की रक्षा में शहीद हुआ है, देश के लिए अपनी कुर्बान दी है, पूरे परिवार और गांव को इस शहादत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि जब तक भाई सेना में कार्यरत था, परिवार के लोग उम्मीद लगाये थे, कि वह कमाने के बाद परिवार के लिए जमीन खरीदेगा, घर बनायेगा और अन्य जरुरतों को पूरा करेगा, लेकिन उसने देश की शहादत देकर परिवार की जरूरतों को पूरा करने से भी बड़ा काम किया है।

सांसद ने एक लाख का चेक सौंपा

इस मौके पर जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने बताया कि शहीद परिवार के आश्रित उनकी ओर से एक लाख रुप्ये का चेक सौंपा है, साथ ही दस बोरा चावल 1 बोरा दाल और अन्य जरूरत के समान दिये गये है। उन्होंने कहा कि शहीद परिवार से उनका पहले से ही परिचय है और देश के लिए शहीद जवान की सहायता के लिए पूरा समाज और वे सभी लोग हमेशा तत्पर रहेंगे।

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