December 3, 2020

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लॉकडाउन में राजस्व बढ़ाने को लेकर हेमंत सरकार ने लिये दो अहम फैसले

राँची:- कोरोना वायरस कोविड-19 संकट को लेकर भारत सरकार के साथ ही झारखंड सरकार के राजस्व संग्रहण में भी कमी आयी है, वहीं स्थिति से निपटने के लिए खर्च में भी बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसी परिस्थिति में राज्य सरकार ने राजस्व संग्रहण में बढ़ोत्तरी को लेकर बुधवार को दो महत्वपूर्ण निर्णय लिये है।

सभी प्रोफेशनल्स को अब देना होगा टैक्स,

इसके तहत अब राज्य के सभी प्रोफेशनल्स को टैक्स देना होगा, वहीं पेट्रोल-डीजल पर राज्य सरकार ने वैट में बढ़ोत्तरी की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिपरिषद की हुई बैठक में इस आशय के फैसले को मंजूरी दे दी गयी।

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त होने के बाद कैबिनेट सचिव अजय कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि सरकार ने झारखंड में वृत्तियों, व्यापारों, आजीविकाओं, रोजगारों पर कर अधिनियम, 2011 के साथ संलग्न अनुसूची में संशोधन के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई। उन्होंने बताया कि अब राज्य के सभी प्रोफेशनल्स को टैक्स देना होगा। इसके तहत सलाना पांच लाख कमाने वाले पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, वहीं पांच लाख से 10लाख तक आय अर्जित करने वाले को प्रतिवर्ष एक हजार रुपये, दस लाख एक रुपये से 25लाख तक वाले को 1500, 25लाख एक से 40लाख तक वाले को 2000 रुपये और 40लाख से ऊपर आय अर्जित करने वाले को 2500 रुपये प्रोफेशनल्स टैक्स देना होगा। इसके तहत सभी दुकानदार, व्यवसायी, डॉक्टर, वकील, पत्रकार और अन्य सभी प्रोफेनशनल्स आएंगे। प्रोफेशनल्स टैक्स से राज्य सरकार को सलाना 30 करोड़ रुपये की आय अर्जित होगी।

पेट्रोल-डीजल की कीमत में होगी बढ़ोत्तरी

राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर भी वैट बढ़ाने का निर्णय लिया है। कैबिनेट सचिव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से राज्य सरकार के राजस्व में भी कमी आयी थी, इसलिए पेट्रोल-डीजल पर वैट पूर्व की भांति 22 प्रतिशत ही रहेगा। इसके तहत डीजल पर पूर्व में 8.35 रुपये प्रति लीटर टैक्स देना होता था, अब इसे बढ़ाकर 12.50 रुपये कर दिया गया है, वहीं पेट्रोल पर 15 रुपये की जगह 17 रुपये टैक्स देना होगा। लेकिन इससे डीजल की कीमत पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। अजय कुमार सिंह ने बताया कि राज्य में अभी डीजल की कीमत प्रति लीटर 66.07 रुपये है, यह बढ़कर 66.83 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी, वहीं पेट्रोल की कीमत 71.24 रुपये की जगह 73.24 रुपये हो जाएगी। इस तरह डीजल पर 76 पैसे और पेट्रोल पर 2 रुपये की बढ़ोत्तरी होगी। इसके अलावा हवाई जहाज को मिलने वाले फ्यूल पर लगने वाले टैक्स को भी 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है, इससे राज्य सरकार को प्रतिवर्ष 35करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।

बैठक में राज्य में कोविड-19 संक्रमण एवं संभावित महामारी को देखते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से अनाच्छादित पात्र परिवारों को माह अप्रैल एवं मई 2020 के लिए खाद्यान्न वितरण करने के लिए चावल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

पथ निर्माण विभाग द्वारा तहत 20-पथ परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 1002.53करोड़ रुपये के ऋण आहरण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। वहीं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा ग्रामीण जलापूर्ति परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 236.92करोड़ रुपए के ऋण आहरण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।जबकि झारखंड भवन नई दिल्ली में “स्थानिक आयुक्त के सचिव“ पद को उप स्थानिक आयुक्त-सह- संपर्क पदाधिकारी“ के रूप में पुर्ननामित करने की स्वीकृति दी गई।

इसके अलावा झारखंड राज्य अंतर्गत कोर्ट फी के ई-स्टांपिंग के लिए मनोनयन के आधार पर “स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड“ को वित्त नियमावली के नियम 245 के अधीन नियम 235 को शिथिल करते हुए प्राधिकृत किए जाने की की स्वीकृति दी गई। साथ ही महिलाओं को अचल संपत्ति के क्रय पर मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क में प्रदत्त छूट को वापस लिए जाने की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। मुद्रांक शुल्क का भुगतान स्टांप के अतिरिक्त अन्य माध्यम से करने के लिए झारखण्ड स्टांप (संशोधन) नियमावली 2020 के गठन की स्वीकृति दी गई। ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत दो वरिष्ठ प्रोग्रामर के पदों का दिनांक 11 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई। जबकि ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत राज्य के दो नवसृजित जिला न्यायालयों खूंटी एवं रामगढ़ के लिए सिस्टम ऑफिसर के क्रमशः 1 एवं 1 कुल 2 पदों के संविदा आधारित पदों के अस्थायी तौर पर एक वर्ष यथा दिनांक 1 अप्रैल 2020 से दिनांक 31 मार्च 2021 तक के लिए सृजन की स्वीकृति दी गई।

झारखंड राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला संवर्ग (भर्ती एवं अन्य सेवा शर्त) नियमावली 2020 के गठन की स्वीकृति दी गई।जकि राज्य मंत्रिपरिषद ने डॉ जावेद रेहान, चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कुड़ु, लोहरदगा को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी ।
इसके अलावा राज्य के 3 नए चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल यथा-दुमका, हजारीबाग एवं पलामू में कोविड-19 की जांच के लिए विशेष प्रयोगशाला स्थापित करने हेतु वित्तीय नियमावली के नियम 235 के प्रावधानों को शिथिल करते हुए एवं नियम 245 के तहत प्रेझा फाउंडेशन को कार्य हित में मनोनयन तथा तत्संबंधित फाउंडेशन एवं झारखंड स्टेट मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्युरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, नामकुम रांची के साथ किए जाने वाले एमओयू के लिए प्रारूप पर घट्नोत्तर स्वीकृति दी गई। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग तथा झारखंड भवन नई दिल्ली के लिए प्रोटोकॉल संबंधी पदों का सृजन करने की स्वीकृति दी गई।
वहीं कोरोना वायरस से जनित महामारी के फलस्वरूप राज्य से बाहर फंसे प्रवासी श्रमिकों, यात्रियों, पर्यटकों, छात्रों एवं अन्य व्यक्तियों को सुरक्षित आवागमन एवं आरोग्यकर गृहावासन करने के निमित्त झारखंड राज्य आकस्मिकता निधि से कुल 20 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि की निकासी की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।जबकि मनरेगा योजनाओं को बेहतर रूप से क्रियान्वित करने के उद्देश्य से भारत रूरल लाइवलीहुड फाउंडेशन, बीआरएलएफ एवं ग्रामीण विकास विभाग के मध्य डवन् किए जाने की स्वीकृति दी गई। झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड रांची को स्थापना व्यय प्रशासनिक व्यय एवं अन्य मदों के व्यय के लिए प्रदेय एजेंसी चार्ज में प्रतिस्थापित करने की स्वीकृति दी गई।

झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार (कृत्य एवं प्रबंधन) नियमावली 2020 की स्वीकृति दी गई।
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में राज्य अंतर्गत स्थानीय नगर निकायों में आम निर्वाचन स्थगित होने के कारण प्रशासक की नियुक्ति की स्वीकृति दी गई।
एक अन्य प्रस्ताव में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-41, 42 एवं 76 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झारखंड राज्य में वनोपज के अभिवहन को विनियमित करने के लिए वर्ष 2004 में अधिसूचित झारखंड काष्ठ एवं वन उत्पाद (अभिवहन का विनियमन) नियमावली, 2004 को निरस्त करते हुए वनोपज के अभिवहन के विनियमन करने के लिए झारखण्ड वनोपज (अभिवहन का विनियमन) नियमावली, 2020 की स्वीकृति दी गई।

वेद मारवाह के निधन पर शोक

राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा आज आहूत बैठक में 12 जून 2003 से 9 दिसंबर 2004 तक झारखंड राज्य के राज्यपाल रहे वेद प्रकाश मारवाह के 5 जून 2020 को हुए निधन पर गहरी संवेदना एवं दुःख प्रकट किया गया तथा देश के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया गया। स्वर्गीय वेद प्रकाश मारवाह के द्वारा राज्य के विकास हेतु किए गए उल्लेखनीय कार्यों का स्मरण करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति तथा उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी तथा संपूर्ण झारखंड राज्य की ओर से इस दुःखद वेदना को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गयी।

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