November 28, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

लाखों छात्र छात्राओं का रूम रेंट माफ हो : जमाल गद्दी

राँची:- अखिल झारखण्ड छात्र संघ (आजसू) ने लाखों छात्र छात्राओं को उनके लॉज-हॉस्टल संचालक एवं फ्लैट/रुम मालिकों द्वारा किराया वसूली को लेकर बनाये जा रहे दबाव एवं उनके द्वारा छात्र छात्राओं को दिए जा रहे धमकी रूपी मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ मुहिम तेज कर दी है। इसी क्रम में आज आजसू ने जमाल गद्दी के नेतृत्व में आपने अपने घरों से हस्त लिखित बैनर पोस्टर के माध्यम से विरोध दर्ज कराया एवं छात्र छात्राओं को रूम रेंट से राहत देने की मांग की।
जमाल गद्दी ने कहा कि छात्र छात्राओं को लॉकडाउन अवधि के रेंट पर राहत दिया जाना चाहिए परन्तु राज्य सरकार एवं स्थानीय जिला प्रसाशन द्वारा इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया ना आना दुःखद है। कोविड 19 रूपी महामारी जब हमारे देश में पहुंचा तो हमारी सरकार, जिला प्रसाशन एवं इन्हीं लॉज- हॉस्टल, भवन, रूम मालिकों ने आदेश जारी कर छात्र छात्राओं को अपने घर चले जाने का आदेश दिया। समयाभव में अधिकांश छात्र छात्राएं अपने सामान को अपने साथ ले जाने में असफल रहे। अब इसी को आधार बना कर लॉज- हॉस्टल, भवन एवं रूम मालिक लॉकडाउन अवधि का भी रूम रेंट हेतु दबाव बनाकर एवं मानशिक रूप से प्रताड़ित कर मानवीय मूल्यों को ठोकर मार रहे है।

राँची जिला प्रसाशन के आदेश को ठेंगा दिखा रहे है मकान मालिक – राहुल पांडेय

आजसू के युवा छात्र नेता राहुल पांडेय ने कहा कि मकान मालिक जिनमे लॉज- होस्टल संचालक, फ्लैट एवं रूम मालिक स्थानीय जिला प्रसाशन के आदेश (दिनांक: 30/03/20) जिसमे कहा गया था कि कोई भी मकान मालिक किरायेदारों को किराए के लिए प्रताड़ित नही करेंगे और ना ही उनको बाहर कर पाएंगे को ठेंगा दिखा रहे है। मगर इसके उलट लॉज- हॉस्टल, भवन, रूम ऐसे विकट परिस्थिति में जब अधिकांश छात्र छात्राओं के अभिभावक बेरोजगार हो चुके है अथवा उनकी आर्थिक स्थिति विकट हो चुकी है के बावजूद में छात्र छात्राओं को जबरदस्ती रूम रेंट भेजे जाने का आदेश जारी कर रहे है।

आजसू मानती है कि लाखों छात्र छात्राओं को लॉकडाउन अवधि के रूम रेंट में राहत मिलना चाहिए एवं उनके रूम रेंट को पूर्ण रूपेण अथवा 75% माफ किया जाना चाहिए।

Recent Posts

%d bloggers like this: