November 27, 2020

अनावरण न्यूज़

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सरकारी संस्थाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सरकार सख्त

राँची:- आम नागरिकों को सेवा के अधिकार कानून का लाभ मिले और सरकारी संस्थाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म हो इसको लेकर राज्य सरकार ने हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाएं हैं । इसी क्रम में 26 फरवरी 2020 को धनबाद नगर निगम में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से निरोधात्मक कार्यवायी किया गया। इस कार्यवायी के आलोक में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव श्री विनय कुमार चौबे नें रांची के बाद अब धनबाद नगर निगम के नगर आयुक्त को भी सात दिनों के अंदर एसीबी की आपत्तियों के विरुद्ध प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश दिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से उठाए गए आपत्तियों पर धनबाद नगर निगम के जवाब से नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को अवगत कराया जाएगा। फरवरी मांह में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो झारखंड के विशेष जांच दल द्वारा औचक जांच के बाद जो महत्वपूर्ण आपत्तियां उठायी गयी हैं वो इस प्रकार हैं

1.स्वच्छ भारत मिशन

एसीबी नें जांच में पाया है कि नगर निगम क्षेत्र में कुल 1355 लाभुकों को 12000 रुपया के बदले 18000 रुपया भुगतान कर दिया गया…जिसमें चार सौ लाभुकों से वापस पैसा वसूल लिया गया पर बाकी के लाभुकों से अतिरिक्त पैसा नहीं वसूल हुआ है,सभी का खाता फ्रीज कर दिया गया है। इसमें घोर लापरवाही देखने को मिली है।

2.भवन शाखा

भवन निर्माण से संबंधित एक बड़ी शिकायत के विरुद्ध कोई भी कागज उपलब्ध नही कराया जा सका,यही नही जांच के दौरान कोई भी अभियंता उपस्थित नही हुआ,इस शाखा के द्वारा जांच में न कोई सहयोग किया गया न हीं कोई संचिका प्रस्तुत की गयी। इससे ज्ञात होता है कि इस शाखा में कई गड़बड़ियां चल रही हैं।

3.स्थापना शाखा

बार बार कहने के बावजूद स्थापना शाखा के प्रभारी नें उन पदाधिकारियों की सूची उपलब्ध नही करायी जो 26.02.2020 को कार्यालय में आए थे या अनुपस्थित थे। जांच में पता चला कि नियुक्ति में गड़बड़ी हुयी है पर नियुक्ति संबंधित संचिका भी उपस्थित नही कराया गया।

4.राजस्व

राजस्व वसूली की प्रक्रिया में किसी प्रकार का टेंडर नही होता,इससे पारदर्शिता नहीं होने की संभावना बड़ जाती है। होर्डिंग्स के मामले में नगर निगम की ओर से कोई जानकारी नही दी गयी।लगभग 3000 आवेदन होर्डिंगस के लिए लंबित भी हैं। इसमें भी भ्रष्टाचार के खेल से इंकार नही किया जा सकता।

5. ट्रेड लाईसेंस

विभिन्न पदाधिकारियों के टेबल पर ट्रेड लाईसेंस से संबंधित लगभग पांच सौ आवेदन लंबित पड़े हैं,पर संबंधित शाखा की ओर से कोई भी संतोषप्रद जवाब नही दिया गया कि आखिर ये आवेदन क्यों पेंडिंग में हैं।

6.जल शाखा

सारी प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद 34 लाभुकों का वाटर कनेक्शन का आवेदन लंबित है। इसके साथ हीं शहर बोरिंग पर नियंत्रण का कोई मापदंड नही होने के कारण बड़ी संख्या में डीप बोरिंग धड़ले से हो रही है, इसपर भी नगर निगम ने कोई सही जवाब नही दिया।

गौरतलब है कि नगर विकास एवं आवास विभाग में पदस्थापित उप सचिव अखिलेश कुमार इस जांच के लिए नोडल पदाधिकारी बनाए गए थे और उनकी मौजूदगी में ये जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के विशेष जांच दल की ओर से किया गया है।

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