November 27, 2020

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किशनगंज में बढ़ते संक्रमण के बाबजूद लोग कोरोना संक्रमण से नहीं हैं भयभीत

किशनगंज:- बिहार सरकार के निर्देश आलोक में जागरूकता रथ का भी किशनगंज जिले कोई असर नही दिखाई दे रहा है।यहाँ के लोग पूरी तरह बेखौफ होकर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शासन- प्रशासन के जागरूकता अभियान की धज्जियां उड़ा रहें है। सड़क सुरक्षा के नियमों का कोई पालन नही।

जबकि जिला प्रशासन ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाने के क्रम में लोगों से अपील की थी कि कोरोना महामारी में सतर्कता ही मेरे परिवार सहित समाज का रक्षक है। इस संक्रमण को समूल नष्ट करने की दवा देश सहित विदेशों में भी अबतक नही खोजी जा सकी है।
ऐसी स्थिति में जिला स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष सह डी एम डाॅ आदित्य प्रकाश कहते है कि सतर्कता ही एक मात्र विकल्प है।
वहीं सड़क सुरक्षा अधिनियम – 19 के गाइड लाइन को जिला पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष द्वारा जारी निर्देश में स्थानीय जिला के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जगह-जगह यातायात पुलिस बलों की नियुक्त करते हुए सड़क सुरक्षा सप्ताह में नियमों का उल्लंघन वाले वाहन चालकों के चालान भी काटे जा रहें हैं ।
बुधवार को शहरी क्षेत्र के यातायात प्रभारी एएसआई राकेश कुमार के अनुसार पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सड़क सुरक्षा के उल्लंघन में वाहन चालकों से जुर्माना वसूली अभियान जारी है।
आइए यहां की धरती पर डाले एक नजर -जबकि कोरोना संक्रमन में लगातार बृद्धि देखी जा रही है।प्रशासन के आकड़ो के मुताबिक अब तक शतक को पार कर कुल 114 कोरोना पोजिटिव मरीज की पुष्टि चुकी है।

इसके बाबजूद भी लोग जागरुक नजर नहीं आ रहे हैं। दिन प्रतिदिन बढ़ते कोरोना संक्रमण के खतरों को भी लोग नजर अंदाज कर कर रहे हैं। जिससे न सिर्फ जिले में संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, वही लोग कोरोना को भी खुलेआम आमंत्रित कर रहे हैं। लोग सोशल डिस्टेंसिंग की खुलेआम धज्जी उड़ाकर सरकारी निर्देशों और कानून का माखौल उड़ाने में लगे हैं।

बात स्थानीय शहर की हो या ग्रामीण क्षेत्रो में लगने वाले साप्ताहिक हॉट या बाजारों की ।हर जगह जमकर लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बाजारों में इस कदर लोगों की भीड़ कि मानो देश से संक्रमण का खतरा ही पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। न किसी के चेहरे पर मास्क और न ही सामाजिक दूरी। भीड़ इसकदर की लोग एक दूसरे से टकराते नजर आए। हालांकि सबसे आश्चर्य की बात यह कि मोटरसाइकिल पर दो से तीन जन चिपक कर बैठते हैं।चेहरे पर कोई मास्क नहीं पूरी तरह बेखौफ। यहां 60 से 70 प्रतिसत लोग बिना मास्क के आराम से बाजार में घूम-घूम कर सोशल डिस्टेनसिंग की धज्जीयां उड़ा रहे हैं और तो और व्यसायिक प्रतिष्ठानों पर रखे गए सेनेटाइज सामग्री शोभा की बस्तु बन कर रह गया है।
अब कोरोना के खाॅफ कहाँ? चेहरे पर कोई शिकन तक नहीं। इन सबों के बीच इस बात से तनिक भी इनकार नहीं किया जा सकता कि अगर लोग अभी भी नहीं चेते तो आने वाला समय विकराल रूप धारण कर सकती है। फिर तो दौबारा लाॅकडाउन भी नही तोड़ सकेगी कोरोना की इस चेन को।
अब तो देश के केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली या महाराष्ट्र के मुंबई में श्मशान व कब्रगाहों में एडवासं बुकिंग की आवश्यकता आन पड़ी है ।इससे बड़ी चिंता की बात और क्या हो सकती है।

संवाददाता सुबोध

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