December 1, 2020

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बीजेपी नेताओं ने वर्चुअल रैली के नाम पर नाटक का एक और अध्याय शुरू किया-झामुमो

राँची:- झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के झारखण्ड प्रदेश के नेताओं ने अपने पारम्परिक राजनैतिक नौटंकी का एक और अध्याय वर्चुअल रैली के माध्यम से सम्पन्न किया।
उन्होंने वर्चुअल रैली के माध्यम से केन्द्र की सत्ता से भाजपा नित गठबंधन की सरकार के जनविरोधी नीतियों को दरकिनार करते हुए झुठे दावों का खुब प्रचार-प्रसार किया। भाजपा के नेताओं ने आम लोगों को यह नहीं बताया कि मोदी सरकार ने देश के 25 उद्योगपती घरानों के 68 लाख करोड़ रूपये जो कर्ज के रूप में थे, उसे किस परिस्थिति में और क्यों माफ किया? भाजपा नेताओं ने यह भी नहीं बताया कि विगत 12 मार्च 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को वैश्विक महामारी घोषित किये जाने के बावजूद मोदी सरकार ने 15 मार्च तक विदेशों से आने वाले लगभग साढे सत्रह लाख लोगों को देश में बिना क्वेरेंटाईन अथवा जाँच के आगमन एवं देश में प्रवेश करवाने की प्रक्रिया जारी रखी। भाजपा नेताओं ने वर्चुअल रैली के माध्यम से यह नहीं बताया कि फरवरी के अन्तीम सप्ताह में अमेरिकी राष्ट्रपती डोनाल्ड ट्रम्प के राजनैतिक प्रचार हेतु भारत आगमन पर कितने करोड़ रूपये खर्च किये गए। भाजपा नेताओं को वर्चुअल रैली के माध्यम से यह भी बताना चाहिए था कि 23 मार्च को मध्यप्रदेश में राजनैतिक दगाबाजी कर सत्तासीन होने के बाद ही 24 तारीख की रात चार घंटे के समयावधी में सम्पूर्ण राष्ट्र में सवा दो महिनों का लम्बा लॉक डाउन की घोषणा माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा की गई। भाजपा नेताओं को यह भी बताना चाहिए कि माननीय प्रधानमंत्री ने बिना किसी तैयारी के और राज्य सरकारों से विचार-विमर्श किये बिना लॉक-डाउन जैसे बड़े फैसले लिये जिसके कारण 15 करोड़ लोग बेरोजगार हुए, घर को पलायन के लिए मजबूर हुए तथा हजारो लोग इस क्रम में रास्ते में ही मर-कट गए। भाजपा नेताओं को यह भी बोलना चाहीए था कि मार्च के अन्तीम हफ्तों में जहाँ संक्रमित लोगों की संख्या 500 के लगभग थी, उस वख्त लॉक-डाउन किया गया, लेकिन जब संख्या लाखों से उपर पहुँच गई तब अनलॉक-डाउन की प्रक्रिया शुरू की गई तथा आवागमन पर से कुछ प्रतिबंधों को छोड, आवाजाही की सुविधा प्रदान की गई।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि वर्चुअल रैली में भाजपा नेताओं को यह कहना चाहिए था कि 20 लाख करोड़ रूपये के राहत पैकेज के नाम पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा देश को भ्रमित किया गया एवं राहत पैकेज के नाम पर देश के करोड़ो लोगों पर असहनीय कर्ज का बोझ लाद दिया गया। क्या भाजपा नेता बता पाएंगे कि देश के प्रतिष्ठित सरकारी उपक्रम एल.आई.सी., भारत पेट्रोलियम, कोन्कोर, सीपींग कॉरपोरेशन ऑफ इण्डिया, देश के सभी बड़े हवाई अड्डे, रेल, पचास से ज्यादा कोयल खदान, पाँच सौ से ज्यादा अन्य खनिजों के खदान, डाक-तार विभाग का नीजिकरण की प्रक्रिया का आरम्भ, भारत के सैन्य क्षेत्र में 74 प्रतिशत विदेशी पुँजी निवेश तथा देश के अन्य सभी औद्योगिक तथा वित्तिय क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी पुँजी निवेश के छूट का निर्णय कौन सा राहत का काम है? आलू, प्याज, तेल, दलहन तथा खाद्य पदार्थों पर से आवश्यक वस्तु अधिनियम से छूट देकर मुनाफा खोरों के जेबों को भरने का जो काम किया जा रहा है, क्या वही केन्द्र सरकार के एक वर्ष की उपलब्धी रही है, जिसे आज भाजपा नेताओं ने वर्चुअल रैली के तहत नहीं कह कर लोगों का भ्रमित करने का घृणित काम किया गया है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता अपने आज के बदहाली के लिए केन्द्र सरकार के विगत एक वर्ष में लिए गए जन विरोधी निर्णयों से गम्भीर आक्रोशित है और इसी भय से लोगों से आँख मिलाने की हिम्मत भाजपा नेताओं के पास नहीं रही है और इसलिए अपने काले कारनामों को छूपाने के लिए भाजपा नेतृत्व द्वारा वर्चुअल रैली की नौटंकी की जा रही है ताकि वे लोगों के सवालों से छूप सकें एवं उनके आक्रोश झेलने में सक्षम नहीं हो पाने के कारण घर के कोणे में दूबक कर तकनीक के सहारे लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। देश की जनता अब तैयार है, अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के द्वारा भाजपा को यथासमय सबक सिखएगी।

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