November 24, 2020

अनावरण न्यूज़

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घायल हाथी को बचाने का प्रयास में लगे ग्रामीण और वन विभाग

राँची:- रांची में घायल हाथी को बचाने के लिए ग्रामीण और वन विभाग दिन रात सेवा में लगा हुआ है। केरल में एक हथिनी को अनानास के साथ विस्फोटक खिला देने की घटना झारखंड के लिए भी चेतावनी है कि मानव के साथ टकराव की संभावनाओं को कमतर किया जाए ताकि पारिस्थितिक संतुलन बरकरार रहे। झारखंड के परिप्रेक्ष्य में यह इसलिए आवश्यक है कि यहां लगातार आबादी के साथ इनका टकराव बढ़ रहा है। लेकीन झारखंड के ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोग पशु प्रेमी है हालात जो भी हो लेकीन केरल जैसी घटना आज तक झारखंड में नही हुई है ।

घायल हाथी को ग्रमीणों के सहयोग से वन विभाग ने किया उपचार

रांची के अनगड़ा से सटे जंगल रिग्रियाम में गंभीर रूप से घायल एक हाथी का इलाज करने का प्रयास किया गया। रिग्रियाम जंगल महिलोंग रेंज के लोटा के पास है। उक्त हाथी के आगे के बायें पैर में गहरा जख्म हो गया था । चलने में काफी कठिनाई हो रही थी । लगातार कराह रहा है। दो दिन पूर्व समूह से अलग होकर यह हाथी रिग्रियाम जंगल में रह गया। जख्म के जलन को कम करने के लिए यह लगातार वनविभाग द्वारा जंगल के बीच में बनाये गये चेकडैम में ही रहा।
ग्रामीण और वन विभाग के द्वारा काफी मात्रा में कददू, कोहड़ा सहित अन्य सब्जी खरीदकर ले जाया गया था। इसमें दवा भरकर इसे हाथी को खाने के लिए दिया जाता, ताकि भोजन के माध्यम से दवा हाथी के शरीर में जायें व जख्म ठीक हो सके।
वनविभाग के द्वारा जख्मी हाथी को ठीक करने की कवायद की जा रही थी, जंगल से चार हाथी आये व जख्मी हाथी को धकेलते हुए रिग्रियाम जंगल के अंदर ले गये। रेंजर आरके सिंह ने बताया कि, हाथी ट्रेकर को दवा व हाथी का भोजन दे दिया गया है। पिछले कुछ दिनो से जंगल में विभिन्न लोकेशनों में दवा लगी सब्जी को रख दिया गये । ताकि हाथी उसे खा सके। वनविभाग का कहना है जख्मी हाथी को बचाने का अंतिम दम तक प्रयास किया जा रहा है । हाथी पर ग्रामीणों की भी नजर है और ग्रामीण भी वन विभाग के साथ मिल कर हाथी को बचाने में लगे रहे।
झारखंड में जंगली हाथियों के हमले में बीते 10 सालों में लगभग 600 लोगों की जान जा चुकी है तो दूसरी तरफ बिजली तार, कुएं आदि की चपेट में आकर हाथी भी हादसे का शिकार होते हैं।
झारखंड में जंगली हाथियों पर क्रूरता के केरल सरीखे मामले तो नहीं हैं लेकिन इन्हें खेतों से भगाने के लिए विस्फोटक समेत आग आदि का सहारा लिया जाता है।

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