December 2, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

चर्चित पिंटू दांगी अपहरण कांड का उद्भेदन, स्वयं निकला आरोपी

चतरा:- चतरा पुलिस ने 48 घंटों के भीतर पिंटू दांगी अपहरण केस मामले का उद्भेदन करते हुए अपहृत पिंटू को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक ऋषभ झा ने आज बताया कि लॉक डाउन अवधि में गुजरात में काम करने वाले अपने एजेंसी के मजदूरों को मजदूरी का भुगतान करने के उद्देश्य से पिंटू ने खुद ही अपने अपहरण की साजिश रची थी। साथ ही उसने खुद अपना पैर हाथ बांधकर एक वीडियो बनाकर उसका स्क्रीन शॉट अपने रिश्तेदारों को भेजते हुए अपने अपहरण की गलत सूचना देते हुए पंन्द्रह लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। एसपी ने बताया कि एक जून को शाम में सूचना मिली थी कि गुजरात में कॉन्ट्रैक्टर का काम करने वाले कोलेश्वर दांगी के पुत्र पिंटू दांगी का अपहरण हुआ है। और अपहर्ताओं ने कोलेश्वर के रिश्तेदारों को तस्वीर भेज कर पंद्रह लाख रुपये की फिरौती मांगी है। जिसके बाद मोबाइल लोकेशन और सर्विलांस के आधार पर एएसपी निगम प्रसाद व एसडीपीओ वरुण रजक के संयुक्त नेतृत्व में सदर थाना पुलिस और सर्विलांस की टीम अपहृत पिंटू का मोबाइल ट्रेस करने में जुटी थी। इसी दौरान पुलिस की टीम ने लोकेशन के आधार पर पिंटू को चतरा-इटखोरी मुख्य मार्ग से सटे बारिसाखी आमीन जंगल से बरामद कर लिया। एसपी ने बताया कि जिस दौरान पिंटू की बरामदगी हुई वह जंगल में एक पेड़ के नीचे अकेले लेटा हुआ था। साथ ही उसके सिर के पास फिरौती मांगने में प्रयुक्त मोबाइल भी रखा था। जिसके बाद उसे कब्जे में लेकर पुलिस टीम सदर थाना ले आई और पूछताछ में जुट गई। पूछताछ में पिंटू ने बताया कि उसे बिहार नंबर की एक बोलेरो गाड़ी से अप हरदा अपहरण कर ले गए थे और क्लोरोफॉर्म सुंघा कर उसे बेहोश कर दिया गया था। लेकिन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को पता चला था कि उस इलाके में बिहार नंबर की कोई भी बोलेरो गाड़ी नहीं गई थी, और ना ही अपहृत पिंटू को क्लोरोफॉर्म सुंघाया गया था। एसपी ने बताया कि पिंटू का गुजरात में काम चल रहा था। लेकिन वह लॉक डाउन के कारण अपने घर में फंसने के कारण अपने मजदूरों को पैसे का भुगतान नहीं कर पा रहा था। जिसके विरोध में गुजरात में उसके मजदूर है हड़ताल पर चले गए थे। इसी बात को लेकर पिंटू ने पैसे के जुगाड़ के लिए अपने ही अपहरण की साजिश रचते हुए घटना को अंजाम दिया था। एसपी ने बताया कि पिंटू को यह भी पता था कि उसके परिवार के पास पैसे नहीं है ऐसे में उसने अपने रिश्तेदारों को अपने अपहरण की झूठी सूचना देकर पैसे ऐंठने की साजिश रची थी। मामले के उद्भेदन के बाद पुलिस ने 420 का केस करते हुए पिंटू को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

चतरा:- चतरा पुलिस ने 48 घंटों के भीतर पिंटू दांगी अपहरण केस मामले का उद्भेदन करते हुए अपहृत पिंटू को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक ऋषभ झा ने आज बताया कि लॉक डाउन अवधि में गुजरात में काम करने वाले अपने एजेंसी के मजदूरों को मजदूरी का भुगतान करने के उद्देश्य से पिंटू ने खुद ही अपने अपहरण की साजिश रची थी। साथ ही उसने खुद अपना पैर हाथ बांधकर एक वीडियो बनाकर उसका स्क्रीन शॉट अपने रिश्तेदारों को भेजते हुए अपने अपहरण की गलत सूचना देते हुए पंन्द्रह लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। एसपी ने बताया कि एक जून को शाम में सूचना मिली थी कि गुजरात में कॉन्ट्रैक्टर का काम करने वाले कोलेश्वर दांगी के पुत्र पिंटू दांगी का अपहरण हुआ है। और अपहर्ताओं ने कोलेश्वर के रिश्तेदारों को तस्वीर भेज कर पंद्रह लाख रुपये की फिरौती मांगी है। जिसके बाद मोबाइल लोकेशन और सर्विलांस के आधार पर एएसपी निगम प्रसाद व एसडीपीओ वरुण रजक के संयुक्त नेतृत्व में सदर थाना पुलिस और सर्विलांस की टीम अपहृत पिंटू का मोबाइल ट्रेस करने में जुटी थी। इसी दौरान पुलिस की टीम ने लोकेशन के आधार पर पिंटू को चतरा-इटखोरी मुख्य मार्ग से सटे बारिसाखी आमीन जंगल से बरामद कर लिया। एसपी ने बताया कि जिस दौरान पिंटू की बरामदगी हुई वह जंगल में एक पेड़ के नीचे अकेले लेटा हुआ था। साथ ही उसके सिर के पास फिरौती मांगने में प्रयुक्त मोबाइल भी रखा था। जिसके बाद उसे कब्जे में लेकर पुलिस टीम सदर थाना ले आई और पूछताछ में जुट गई। पूछताछ में पिंटू ने बताया कि उसे बिहार नंबर की एक बोलेरो गाड़ी से अप हरदा अपहरण कर ले गए थे और क्लोरोफॉर्म सुंघा कर उसे बेहोश कर दिया गया था। लेकिन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को पता चला था कि उस इलाके में बिहार नंबर की कोई भी बोलेरो गाड़ी नहीं गई थी, और ना ही अपहृत पिंटू को क्लोरोफॉर्म सुंघाया गया था। एसपी ने बताया कि पिंटू का गुजरात में काम चल रहा था। लेकिन वह लॉक डाउन के कारण अपने घर में फंसने के कारण अपने मजदूरों को पैसे का भुगतान नहीं कर पा रहा था। जिसके विरोध में गुजरात में उसके मजदूर है हड़ताल पर चले गए थे। इसी बात को लेकर पिंटू ने पैसे के जुगाड़ के लिए अपने ही अपहरण की साजिश रचते हुए घटना को अंजाम दिया था। एसपी ने बताया कि पिंटू को यह भी पता था कि उसके परिवार के पास पैसे नहीं है ऐसे में उसने अपने रिश्तेदारों को अपने अपहरण की झूठी सूचना देकर पैसे ऐंठने की साजिश रची थी। मामले के उद्भेदन के बाद पुलिस ने 420 का केस करते हुए पिंटू को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

Recent Posts

%d bloggers like this: