November 29, 2020

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अनाज, तेल, दाल, प्याज और आलू की कीमतों में बेहताशा बढ़ोत्तरी की आशंका उत्पन्न हुई-आलोक दूबे

राँची:- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा है कि केंद्रीय कैबिनेट द्वारा अनाज, तेल, दाल, प्याज और आलू को आवश्यक वस्तु अधिनियम से बाहर किये जाने से इनकी कीमतों में बेहताशा बढ़ोत्तरी होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है, जबकि आज भी देश में गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के लिए अनाज, तेल, प्याज और आलू की कीमत नियंत्रित रखना काफी जरूरी है, परंतु इन सभी को अधिनियम से बाहर कर दिये जाने के बाद यदि इनकी कीमतों में बढ़ोत्तरी होती है, तो लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। इस तरफ के फैसले से पूंजीपतियों को लाभ और मुनाफाखोरी और जमाखोरी बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन का फायदा किसानों को मिलेगा या फिर इससे मुनाफाखोरी और जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा, यह तो आने वाले समय में ही पता लगेगा, लेकिन यह नहीं भुलना चाहिए कि इस कानून को तत्कालीन सरकार में उपभोक्ताओं को अनिवार्य वस्तुओं की सहजता से उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा कपटी व्यापारियों के शोषण से उनकी रक्षा के लिए बनाया गया था। साथ ही अधिनियम में उन वस्तुओं के उत्पादन वितरण और मूल्य निर्धारण को विनियमित एवं नियंत्रित करने की व्यवस्था की गयी थी, जिनकी आपूर्ति बनाये रखने या बढ़ाने तथा उनका समान वितरण प्राप्त करने और उचित मूल्य पर उनकी उपलब्धता के लिए अनिवार्य घोषित किया गया था और अधिनियम के तहत अधिकांश शक्तियां राज्य सरकारों को दी गयी थी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने इस कानून में संशोधन कर से कई वस्तुओं को छूट दी गयी, जबकि कानून में पूर्व से ही यह प्रावधान किया गया था कि अनिवार्य घोषित की गयी वस्तुओं की सूची की आर्थिक परिस्थितियों में, परिवर्त्तनों विशेषतया उनके उत्पादन , मांग और आपूर्ति के संबंध में आलोक में समय-समय पर समीक्षा किये जाने का प्रावधान था।

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