December 3, 2020

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केरल में 1500 लड़कियों के फंसे रहने की खबर पूरी तरह से गलत-सीटू

गारमेंट कंपनी में काम करने वाली लड़कियां कल विशेष ट्रेन से लौटेगी

राँची:- सीटू की ओर से कहा गया है कि केरल के एर्नाकुलम में 1500 लडकियांके फंसे रहने को लेकर मीडिया में आयी खबर तथ्यों पर आधारित नहीं है। सीटूकी ओर से यह जानकारी दी है कि झारखंड ने इस समाचार की जानकारी मिलते ही केरल के श्रम मंत्री टी. पी. रामाकृष्णन, एर्नाकुलम सीटू जिला कमिटी के सचिव के. एन. गोपीनाथ और वहां के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर मामले की जानकारी ली है। वहां से मिली जानकारी के अनुसार कौशल विकास प्लेसमेंट के अन्तर्गत वहां गयी सभी छात्राएं केआइटीएक्स (केआइटीई नहीं) नाम की गारमेंट कंपनी द्वारा आवंटित हास्टल मे ही हैं, उन्हें निकाल दिया गया है समाचार पूरी तरह गलत है.
जबकि तथ्य यह है कि इन छात्राओं का प्रशिक्षण पूरा हो गया है और उनकी इच्छा के अनुसार एर्नाकुलम जिला प्रशासन उन्हे झारखण्ड भेजने की तैयारी कर था। इसी दौरान कुछ निहित स्वार्थी राजनीतिक तत्वों ने उनके बीच यह अफवाह फैला दिया कि कल ही एक अंतिम ट्रेन झारखण्ड जा रही है इसलिए उन लोगों को उस ट्रेन से चले जाना चाहिए, क्योंकि अब फिर कब ट्रेन जायेगी इसका कोई ठिकाना नहीं है और कंपनी भी उन्हें यहां से निकाल देगी। जबकि इस तरह की कोई बात नहीं थी. इस अफवाह से छात्राओं के बीच घबराहट फैल गई और वे झारखण्ड में अपने परिजनों और संपर्कों को फोन करके इस तरह की जानकारी देना शुरू किया। इस बात की जानकारी सीटू के एर्नाकुलम जिला सचिव को मिलते ही उन्होनें केआइटीएक्स गारमेंट कंपनी के मालिक साबू जैकब से बात की। तब यह पता चला कि निकाले जाने की बात सही नही है। लेकिन सीटू के नेताओं ने सही तथ्यों की जानकारी के लिए उन छात्राओं से भी संपर्क किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे प्रशासन से बात कर उन्हें जल्द ही झारखण्ड भेजने की व्यवस्था करेंगे।
इसी क्रम मे आज अपराह्न 1बजे एर्नाकुलम के जिलाधिकारी के कक्ष मे उनकी उपस्थिति में गारमेंट कंपनी के मालिक, सीटू के प्रतिनिधि और रेलवे के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में यह तय हुआ कि कल यानि 4जून को एक विशेष ट्रेन से ये सभी छात्राएँ झारखण्ड के लिए रवाना होंगीं।
सीटू की झारखण्ड राज्य कमिटी केरल सीटू के साथियों और एर्नाकुलम जिला प्रशासन को इस बात के लिए बधाई देती है कि उनके तत्काल हस्तक्षेप के चलते अफवाह के आधार पर सनसनीखेज मामला बनाए जाने की कोशिशों का पटाक्षेप हो गया।

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