November 30, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

पानी रोको-पौधा रोपो अभियान की शुरुआत

देवघर:- देवघर की उपायुक्त नैन्सी सहाय द्वारा जानकारी दी गयी है कि कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न समाजिक दूरी से निपटने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मनरेगा योजना के तहत तीन महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजना यथा – नीलाम्बर – पीताम्बर जल समृद्धि योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना एवं वीर शहिद पोटो हो खेल विकास योजना की शुरूआत की गयी है।
इसी कड़ी में आज उप विकास आयुक्त शैलेन्द्र कुमार लाला द्वारा ’’पानी रोको पौधा रोपो’’ की शुरूआत सोनेरायठाढ़ी व सारवां प्रखण्ड से की गयी। इस दौरान उप विकास आयुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि इन योजनाओं में से प्रतिदिन पंचायतों में कम से कम 200 से 250 मानव दिवस के सृजन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे जहां एक ओर हम बड़ी आबादी को रोजगार दे सकेंगे वहीं दूसरी ओर जल एवं मृदा संरक्षण कार्यों से ’’गांव का पानी गांव में एवं खेत का पानी खेत में जिले के प्रत्येक गांव एवं टोला में वर्षा जल का संरक्षण कर भूजल को रिचार्ज करने में सफल हो सकेंगे। उपरोक्त उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु प्रत्येक पंचायत में औसतन 200 हेक्टेयर (500 एकड़) अपलेण्ड पर टीसीबी फिल्ड बंडिंग का कार्य इस वितीय वर्ष में सम्पादित किया जाना है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गांव में टोला में कम से कम 5 योजनाएं संचालित किया जाना है।
इसके अलावे आज से प्रारंभ होने वाले ’’पानी रोको पौधा रोपो’’ अभियान को सफल बनाने हेतु अपने सभी प्रखण्ड अंतर्गत पंचायतों में भी योजनाओं को शुभारंभ किया गया है। साथ ही पंचायतवार लक्ष्य की अभिप्राप्ति हेतु इस अभियान का नियमित अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया गया है। इसके अलावे डीआरडीए निदेशक नयनतारा केरकट्टा के द्वारा पानी रोको पौधा रोपो अभियान की शुरूआत की गयी। साथ ही जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा श्री रणबीर सिंह द्वारा करौं प्रखंड अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना की शुरुआत की गई है।
उप विकास आयुक्त शैलेन्द्र कुमार लाल द्वारा सोनेरायठाढ़ी प्रखंड के धनवे ग्राम में बिरसा हरित क्रांति योजना के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर वास्तुस्थिति से अवगत हुए। इस दौरान उन्होंने कार्य कर रहे श्रमिकों को साफ-सफाई के साथ-साथ शारीरिक दूरी का पालन करते हुए अपने कार्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। इसके अलावा निरीक्षण के क्रम में उन्होंने चल रहे आम बागवानी कार्यक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों को संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया। इसके अलावे उन्होंने अनुभवी कृषक मित्रों से भी अपील करते हुए कहा कि दूसरे कृषकों को भी इससे जुड़ी जानकारी अवश्यक साझा करें, ताकि कृषक प्रेरित होकर इस योजना के तहत लाभान्वित हो सके।
निरीक्षण के क्रम में उप विकास आयुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि योजना के तहत ग्रामीणों को फलदार वृक्ष लगाने व उसकी देखभाल करने संबंधी रोजगार मिलेगा। इसमें बुजुर्गों और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जायेगी, ताकि उनके लिए भी रोजगार उपलब्ध हो सके। इस योजना के जरिये सरकार सड़क किनारे, सरकारी भूमि, व्यक्तिगत या गैर मजरुआ भूमि पर फलदार पौधा लगाने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित करेगी। इन पौधों की देखभाल की जिम्मेवारी ग्रामीणों की होगी। अगले पांच साल तक पौधों को सुरक्षित रखने के लिए सहयोग मिलेगा। उन्हें पौधों का पट्टा भी दिया जायेगा, जिससे वे फलों से आमदनी कर सकें। पौधारोपण के करीब तीन साल बाद प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये की वार्षिक आमदनी होगी। साथ ही फलों की उत्पादकता बढ़ने की स्थिति में फलों को प्रसंस्करण व उसके बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। इस योजना के तहत पूरे जिले में एक हजार एकड़ में पौधारोपण के साथ दो लाख पौधा लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

देवघर:- देवघर की उपायुक्त नैन्सी सहाय द्वारा जानकारी दी गयी है कि कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न समाजिक दूरी से निपटने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मनरेगा योजना के तहत तीन महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजना यथा – नीलाम्बर – पीताम्बर जल समृद्धि योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना एवं वीर शहिद पोटो हो खेल विकास योजना की शुरूआत की गयी है।
इसी कड़ी में आज उप विकास आयुक्त शैलेन्द्र कुमार लाला द्वारा ’’पानी रोको पौधा रोपो’’ की शुरूआत सोनेरायठाढ़ी व सारवां प्रखण्ड से की गयी। इस दौरान उप विकास आयुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि इन योजनाओं में से प्रतिदिन पंचायतों में कम से कम 200 से 250 मानव दिवस के सृजन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे जहां एक ओर हम बड़ी आबादी को रोजगार दे सकेंगे वहीं दूसरी ओर जल एवं मृदा संरक्षण कार्यों से ’’गांव का पानी गांव में एवं खेत का पानी खेत में जिले के प्रत्येक गांव एवं टोला में वर्षा जल का संरक्षण कर भूजल को रिचार्ज करने में सफल हो सकेंगे। उपरोक्त उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु प्रत्येक पंचायत में औसतन 200 हेक्टेयर (500 एकड़) अपलेण्ड पर टीसीबी फिल्ड बंडिंग का कार्य इस वितीय वर्ष में सम्पादित किया जाना है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गांव में टोला में कम से कम 5 योजनाएं संचालित किया जाना है।
इसके अलावे आज से प्रारंभ होने वाले ’’पानी रोको पौधा रोपो’’ अभियान को सफल बनाने हेतु अपने सभी प्रखण्ड अंतर्गत पंचायतों में भी योजनाओं को शुभारंभ किया गया है। साथ ही पंचायतवार लक्ष्य की अभिप्राप्ति हेतु इस अभियान का नियमित अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया गया है। इसके अलावे डीआरडीए निदेशक नयनतारा केरकट्टा के द्वारा पानी रोको पौधा रोपो अभियान की शुरूआत की गयी। साथ ही जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा श्री रणबीर सिंह द्वारा करौं प्रखंड अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना की शुरुआत की गई है।
उप विकास आयुक्त शैलेन्द्र कुमार लाल द्वारा सोनेरायठाढ़ी प्रखंड के धनवे ग्राम में बिरसा हरित क्रांति योजना के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर वास्तुस्थिति से अवगत हुए। इस दौरान उन्होंने कार्य कर रहे श्रमिकों को साफ-सफाई के साथ-साथ शारीरिक दूरी का पालन करते हुए अपने कार्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। इसके अलावा निरीक्षण के क्रम में उन्होंने चल रहे आम बागवानी कार्यक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों को संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया। इसके अलावे उन्होंने अनुभवी कृषक मित्रों से भी अपील करते हुए कहा कि दूसरे कृषकों को भी इससे जुड़ी जानकारी अवश्यक साझा करें, ताकि कृषक प्रेरित होकर इस योजना के तहत लाभान्वित हो सके।
निरीक्षण के क्रम में उप विकास आयुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि योजना के तहत ग्रामीणों को फलदार वृक्ष लगाने व उसकी देखभाल करने संबंधी रोजगार मिलेगा। इसमें बुजुर्गों और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जायेगी, ताकि उनके लिए भी रोजगार उपलब्ध हो सके। इस योजना के जरिये सरकार सड़क किनारे, सरकारी भूमि, व्यक्तिगत या गैर मजरुआ भूमि पर फलदार पौधा लगाने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित करेगी। इन पौधों की देखभाल की जिम्मेवारी ग्रामीणों की होगी। अगले पांच साल तक पौधों को सुरक्षित रखने के लिए सहयोग मिलेगा। उन्हें पौधों का पट्टा भी दिया जायेगा, जिससे वे फलों से आमदनी कर सकें। पौधारोपण के करीब तीन साल बाद प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये की वार्षिक आमदनी होगी। साथ ही फलों की उत्पादकता बढ़ने की स्थिति में फलों को प्रसंस्करण व उसके बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। इस योजना के तहत पूरे जिले में एक हजार एकड़ में पौधारोपण के साथ दो लाख पौधा लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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