November 27, 2020

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एक नयी सुबह का

रोजगार सृजन कर मजदूरों को जोड़ने की दिशा में उठाएंगे कदम-मंत्री

नक्सल इलाकों के क्वारन्टीन सेंटरों में रह रहे प्रवासी मजदूरों का जाना हाल चाल

चतरा:- झारखंड में संचालित कोल परियोजनाओं में अब मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार परियोजनाओं में रोजगार का सृजन कर मजदूरों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उक्त बातें झारखंड के श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने आज चतरा में कहीं। उन्होंने कहा कि मजदूरों का पलायन रोकते हुए उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित कर काम देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। चूकि झारखंड में लॉक डाउन-05 की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में मजदूरों के समक्ष किसी प्रकार की समस्या ना उत्पन्न हो इसे लेकर सरकार गंभीर है। किसी को भी भूखे पेट नहीं रहने दिया जाएगा। दरअसल श्रम मंत्री चतरा में आज जिला प्रशासन द्वारा क्वारन्टीन सेंटरों में रह रहे प्रवासी मजदूरों के लिए किये गए व्यवस्थाओ का जायजा लेने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने अहले सुबह नक्सल प्रभावित कुंदा तथा प्रतापपुर प्रखंड में राहत कार्य योजना का जायजा लेते हुए प्रवासी मजदूरों का हाल चाल जाना। साथ ही दिहाड़ी मजदूरों और प्रखंड क्षेत्र में निवास करने वाले असहाय लोगों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस दौरान मंत्री ने सभी मजदूरों से दूसरे राज्यों में जाने के बजाय अपने गांव में ही रोजगार से जुड़ कर मनरेगा के तहत काम करने की अपील भी की। मौके पर मंत्री ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को नए मजदूरों का मनरेगा के तहत पंजीकरण कराने का भी निर्देश दिया। कहा कि प्रवासी मजदूरों की समस्याओं से राज्य सरकार पृरी तरह अवगत है। क्वारन्टीन अवधि पूरा कर चुके मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलने लगा है। सरकार ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन के प्रति पृरी तरह से गंभीर है। किसी भी महादुर को अब रोजगार के तलाश में बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

नक्सल इलाकों के क्वारन्टीन सेंटरों में रह रहे प्रवासी मजदूरों का जाना हाल चाल

चतरा:- झारखंड में संचालित कोल परियोजनाओं में अब मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार परियोजनाओं में रोजगार का सृजन कर मजदूरों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उक्त बातें झारखंड के श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने आज चतरा में कहीं। उन्होंने कहा कि मजदूरों का पलायन रोकते हुए उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित कर काम देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। चूकि झारखंड में लॉक डाउन-05 की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में मजदूरों के समक्ष किसी प्रकार की समस्या ना उत्पन्न हो इसे लेकर सरकार गंभीर है। किसी को भी भूखे पेट नहीं रहने दिया जाएगा। दरअसल श्रम मंत्री चतरा में आज जिला प्रशासन द्वारा क्वारन्टीन सेंटरों में रह रहे प्रवासी मजदूरों के लिए किये गए व्यवस्थाओ का जायजा लेने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने अहले सुबह नक्सल प्रभावित कुंदा तथा प्रतापपुर प्रखंड में राहत कार्य योजना का जायजा लेते हुए प्रवासी मजदूरों का हाल चाल जाना। साथ ही दिहाड़ी मजदूरों और प्रखंड क्षेत्र में निवास करने वाले असहाय लोगों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस दौरान मंत्री ने सभी मजदूरों से दूसरे राज्यों में जाने के बजाय अपने गांव में ही रोजगार से जुड़ कर मनरेगा के तहत काम करने की अपील भी की। मौके पर मंत्री ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को नए मजदूरों का मनरेगा के तहत पंजीकरण कराने का भी निर्देश दिया। कहा कि प्रवासी मजदूरों की समस्याओं से राज्य सरकार पृरी तरह अवगत है। क्वारन्टीन अवधि पूरा कर चुके मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलने लगा है। सरकार ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन के प्रति पृरी तरह से गंभीर है। किसी भी महादुर को अब रोजगार के तलाश में बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

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