November 27, 2020

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मोदी सरकार में मानव निर्मित कई त्रासदियों का सामना करना पड़ा-कांग्रेस

राँची:- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और राज्य के योजना एवं वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा है कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के कार्यकाल में देश की जनता को मानव निर्मित कई त्रासदियों सामना करना पड़ा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र में मोदी 2.0 सरकार के पहले एक वर्ष के कार्यकाल में देश की जनता को सरकार के कई अविवेकपूर्ण फैसले और बिना तैयारी के उठाये गये कदम से परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की 130 करोड़ जनता संबोधन क्षति पहुंचाने वाले तकिया कलाम मात्र बन कर रह गया। मोदी सरकार में सबसे पहले नोटबंदी से बैंकों और एटीएम में खड़े 150 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, वहीं बाद में आधी-अधूरी तैयारी के साथ जीएसटी लागू करने के फैसले से लोग प्रभावित हुए, जबकि कोरोना संकट में बिना कोई तैयारी के चार घंटे की नोटिस पर पूरे देश में लॉकडाउन लागू कर 15 करोड़ प्रवासी कामगारों को सैकड़ों-हजारों किलोमीटर पैदल दूरी तय करने के लिए सड़कों पर चलने के लिए मजबूर कर दिया गया। कांग्रेस पार्टी और जनता की आवाज पर प्रधान सेवक श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए मजबूर भी हुए, लेकिन रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिला कि 40-40 ट्रेनें अपने रास्ते से भटक गयी। भीषण गर्मी के मौसम में ट्रेनों के भटकने से 50 यात्रियों की मौत हो गयी, बिहार के मुजफ्फरपुर में ट्रेन से उतरते ही एक महिला की मौत और अपनी मां के कफन से खेलते बच्चे की भयावह दृश्य भी सभी ने देखा। लॉकडाउन में 63 दिनों तक देश की जनता पीड़ा का सामना करती रही, लेकिन देश के गृहमंत्री अमित शाह का दर्शन तक नहीं हुआ। अमित शाह गुजरात के गांधीनगर के जिस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते है, वहां के सिविल अस्पताल को लेकर अदालत की यह टिप्पणी आयी कि यह काल कोठरी प्रतीत हो रहा है। 12 प्रतिशत कोविड-19 के मरीज उसी अस्पताल से मिलें। अमित शाह कहां छिपे है, यदि वे गांधीनगर जाकर सिविल अस्पताल देख लेते, तो उन्हें हकीकत का अंदाजा मिल जाता। लेकिन भारत के राष्ट्रनिर्माता मजदूरों को पूरे देश में भूखे मरने के लिए छोड़ दिया गया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर दिये गये बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने अपने पूरे संबोधन में कहीं भी कोरोना संकट को लेकर कोई बात नहीं की, पत्रकारों, साहित्यकारों और लेखकों को कुचलना और लाखों-करोड़ कामगारों को मुश्किल में धकेल देने पर भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में लगातार आठ तिमाही से विकास दर में गिरावट दर्ज की जा रही है और इस वर्ष मार्च तिमाही में विकास दर सिर्फ 3.1 फीसदी ही रहा, जबकि 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच सिर्फ नौ दिनों का ही लॉकडाउन रहा। विकास दर में निरंतर गिरावट केंद्र सरकार की गलत नीतियों को प्रदर्शित करता है, समाज का हर तबका आज परेशान है। ऐसे में यह साबित हो गया है कि भाजपा सत्ता में बने रहे के काबिल नहीं है, अब इस सरकार को अर्श से फर्श तक पहुंचाने का समय आ गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने 12 जनवरी को ही कोरोना वैश्विक महामारी की ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया था, लेकिन तब भाजपा नेताओं ने इसका उपहास उड़ाया और देश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने के बावजूद सरकार नमस्ते ट्रंप और मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार को गिराने के प्रयास में लगी रही। जनवरी में कोरोना संक्रमण का मामला सामने आने के बावजूद जांच को लेकर आवश्यक गाइडलाइन बनाने में विलंब किया गया और जब देश में लॉकडाउन लागू हुआ, तो 578 मामले थे, जो लॉकडाउन-4.0 खत्म होने के करीब पहुंचने पर डेढ़ लाख से अधिक मामले हो गये है।

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