December 3, 2020

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झारखंड / निजी स्कूलों ने कहा- दो महीने का बस भाड़ा नहीं लेंगे, फीस नहीं बढ़ाएंगे

अभिभावक बोले- ट्यूशन फीस के अलावा कुछ भी लिया तो जाएंगे कोर्ट, शिक्षा मंत्री ने कहा- मुख्य सचिव के साथ बैठक में निकलेगा बीच का रास्ता

राँची:- फीस माफी प्रकरण पर राज्य का निजी स्कूल प्रबंधन बुधवार को एक कदम पीछे हटा। हालांकि अभिभावक एक इंच भी पीछे होने को तैयार नहीं। निजी स्कूलों ने कहा कि वे लॉकडाउन अवधि के दो महीने का बस भाड़ा नहीं लेंगे। इस साल फीस नहीं बढ़ाएंगे। कोई भी स्कूल अपने यहां के ड्रेस नहीं बदलेंगे। अभिभावकों ने साफ कहा कि अगर उन पर ट्यूशन फीस के अलावा कोई भी दूसरी फीस लेने का दबाव बढ़ाया गया, तो वे हाईकोर्ट जाएंगे। ट्यूशन फीस के अलावा सारी फीसें माफ होनी चाहिए।

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद कहा कि मुख्य सचिव के साथ इस विषय पर शीघ्र बैठक होगी, जिसमें बीच का रास्ता निकाला जाएगा। बुधवार को शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधन और अभिभावक मंच के लोगों ने अलग-अलग अपनी बातें रखीं। राज्य के सीबीएसई और आईसीएसई पाठ्यक्रम के अधिकतर महत्वपूर्ण स्कूलों के प्राचार्यों ने इस बैठक में हिस्सा लिया। ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन और अभिभावक मंच की ओर से अजय राय समेत कई लोगों ने अपनी बातें रखीं।

गौरतलब है कि लॉकडाउन प्रारंभ होने के समय से ही निजी स्कूलों की फीस माफी का प्रकरण लगातार चलता आ रहा है। अभिभावकों के आग्रह पर शिक्षा मंत्री ने निजी स्कूलों से आग्रह किया था कि वे लॉकडाउन अवधि की फीस न लें। बाद में जैक ने भी इस आशय का पत्र जारी किया था। हालांकि निजी स्कूलों ने इसका पालन नहीं किया। उन्होंने ट्यूशन फीस के अलावा अन्य सभी फीसों के लिए अभिभावकों पर दबाव यह कहते हुए कि बनाया कि यदि सरकार ने फीस नहीं लेने का आदेश दिया तो वे इस राशि को एडजस्ट करेंगे।

दूसरे राज्यों की तरह झारखंड सरकार भी आदेश निकाले : पेरेंट्स एसोसिएशन

ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन के अजय राय ने कहा कि लॉकडाउन अवधि में दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों ने केवल ट्यूशन फीस लेने का आदेश निकाला है। झारखंड सरकार को भी इसके अनुरूप आदेश निकालना चाहिए, नहीं तो वे लोग हाईकोर्ट जाएंगे। अजय राय ने बताया कि दिल्ली सरकार के आदेश में एनुअल फीस, बस फीस, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर फीस, बिल्डिंग मेंटेनेंस फीस नहीं लेने का आदेश दिया है। जहां तक निजी स्कूल वाले अपनी आर्थिक स्थिति का रोना रो रहे हैं, तो उनके पिछले पांच वर्षों के इनकम टैक्स रिटर्न का कागजात देख लिया जाये, तो सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा कि इन्होंने अपने पैसे कहां-कहां डायवर्ट किए हैं। प्रतिनिधिमंडल में देवानंद कुमार, विद्याकर शर्मा, संजीव दत्ता, विजय सिंह आदि थे।

ऐसा हल निकलेगा, जिससे किसी को कोई कठिनाई न हो : जगरनाथ महतो

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि वे ऐसा हल निकालने के पक्ष में हैं कि किसी भी पक्ष को कोई कठिनाई न हो। निजी स्कूल और अभिभावकों ने अपनी-अपनी बातें रखी हैं, अब इस संबंध में उच्च स्तरीय बैठक होगी, जिसमें मुख्य सचिव भी रहेंगे। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि शीघ्र होनेवाली इस बैठक में बीच का रास्ता निकाल लिया जाएगा।

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