November 29, 2020

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कोडरमा-गिरिडीह में माइका उद्योग को पुनर्जीवित किया जाए-बाबूलाल मरांडी

राँची:- भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से द्वारा गिरीडीह और कोडरमा जिले में माईका उद्योग को पुनर्जीवित करने का आग्रह किया है।
बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि गिरिडीह और कोडरमा जिले से लाखों की संख्या में मजदूर देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर अपना जीविकोपार्जन करते हैं। वैश्विक महामारी कोरोना के बीच लॉकडाउन के चलते इन प्रवासी मजदूरों के घर वापसी का सिलसिला जारी है। काफी तादाद में मजदूर वापस अपने घर लौट आएं हैं। जो परिस्थतियां दिख रही हैं, उसके हिसाब से अभी स्थिति सामान्य होने में महीनों लगेंगे।उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूर फिलहाल तुरंत अपने कार्यस्थल पर लौटेंगे, इसकी संभावना दूर-दूर तक नहीं दिखती है। ऐसे में इन लाखों मजदूरों के समक्ष रोजी-रोटी की चिंता होना स्वाभाविक है। सरकार द्वारा मनरेगा, पौधारोपण आदि योजना से रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं परंतु इतनी बड़ी आबादी की उम्मीदें व रोजी-रोटी केवल इन योजनाओं से पूरी हो पाएगी, यह नामुमकिन है। इसलिए कोडरमा और गिरिडीह के माईका उद्योग को पुनर्जीवित किया जाए।
उन्होंने कहा कि गिरिडीह और कोडरमा जिला केवल झारखंड ही नहीं बल्कि पूरी दुनियां में अबरख नगरी के रूप में विख्यात रहा है। इसकी गुणवता भी अच्छी है। जहां जो संपदा होती है, स्वाभाविक रूप से लोगों की निर्भरता उस पर होती है। 1980 के पूर्व यहां सैकड़ों माइंस संचालित हुआ करती थी। जिससे लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त होता था। अब कतिपय कारणों से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़े इस व्यवसाय को पुनर्जीवित कर इस जिले में पुनः लाखों लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा सकता है। साथ ही इससे काफी राजस्व की भी प्राप्ति की जा सकती है। कोरोना संकट से उपजे हालात के बीच इसे पुर्नजीवित करना इस इलाके के लिए वरदान साबित हो सकता है। इस दिशा में सरकार की नीति को पारदर्शी बनाकर और इसमें व्याप्त विसंगतियों को सुधारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में उदारतापूर्वक तत्काल कारगर कदम उठाने की जरूरत है। इस दिशा में आपके सकारात्मक कदम से जहां लाखों बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा, वहीं यह व्यवसाय राज्य की अर्थव्यवस्था का भी एक मजदूत स्तंभ होगा। साथ ही केवल कोरोना संकट काल ही नहीं बल्कि हमेशा के लिए इन इलाकों में रोजगार का एक महत्वपूर्ण साधन उपलब्ध हो जाएगा। राज्य सरकार को मेरा सुझाव होगा कि इस पर पूर्ण जमीनी अध्ययन कर कई दिशा में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की खनिज संपदा का 40 प्रतिशत खनिज झारखंड में है। इसलिए केवल माईका ही क्यों जहां जिस क्षेत्र में जिसकी बहुलता है, उसे उस क्षेत्र के लिए रोजगार का प्रमुख साधन बनाकर सरकार लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करने की जरूरत है।

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