November 28, 2020

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शिक्षा मंत्री प्राइवेट स्कूलों के सामने बेबस क्यों हैं:अजय राय

राँची:- ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन झारखण्ड की ओर से मोराबादी मैदान रांची स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष प्रातः 10 बजे से लॉक डाउन अवधि की स्कूल फीस माफ किए जाने की मांग को लेकर पेरेंट्स एसोसिएशन के सदस्य धरना पर बैठे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने बताया की दिल्ली सरकार के तर्ज पर झारखंड के अंदर भी स्कूल फीस मामले में निर्णय लेने को लेकर सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए धरना दिया गया । इस दौरान कई अभिभावक भी स्लोगन लिखे तख्ती हाथों में लिए इस धरना में शामिल हुए।
अभिभावकों का कहना है कि लॉक डाउन के कारण के कारण हम पूरी तरह बेरोजगार हैं और अपने आप को घर के अंदर लॉक डाउन कर रह रहे हैं ,ना हमारा कोई रोजगार है ना कोई सैलरी ऐसे में हम फीस कहां से जमा करेंगे अभी तो हमारा घर परिवार चला पाना ही मुश्किल हो गया है।
इस अवसर पर ऑल स्कूल पैरंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने कहा की शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो प्राइवेट स्कूलों के सामने इतने बेबस हो गए हैं कि आज वह बार-बार उनसे आग्रह कर रहे हैं फीस माफी पे जबकि झारखंड सरकार के अंदर प्राइवेट स्कूलों को लेकर कानून बना हुआ झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन एक्ट है जिसका इस्तेमाल वह कर नहीं रहे जिसका फायदा यह प्राइवेट स्कूल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री उस एक्ट के तहत स्कूलों से उन सारे नियम के तहत जानकारी लेना शुरू कर देंगे तो मालूम होगा सरकार का अधिकार क्या है।
अजय राय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बनते समय दिल्ली सरकार की शिक्षा प्रणाली को झारखंड में लागू करने की बात कही थी, दिल्ली सरकार ने कोरोना लॉक डाउन अवधि की फीस माफी पर सभी स्कूलों को हिदायत देते हुए 18 अप्रैल को ही आदेश निकाल कर सभी प्राइवेट स्कूलों को ट्यूशन फीस के अलावा कहीं कोई फीस नहीं लेने का आदेश जारी कर दिया जिसका पालन वहा के स्कूल वाले कर रहे है ,झारखंड में उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह करेंगे कि वह एक आदेश निकलवाए जिसमें सिर्फ और सिर्फ ट्यूशन फीस स्कूल ले उसके अलावा कहीं कोई फीस ना लें। चुकी झारखंड के सभी जिलों में स्कूल की ओर से नोटिस के माध्यम से कहा जा रहा है कि आपको ट्यूशन फीस के साथ-साथ बस फीस , ट्यूशन फीस, एनुअल फीस, बिल्डिंग मेंटेनेंस, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर फीस और न जाने कितने तरह की फीस शामिल हैं जिसकी मांग की जा रही है जिससे कई अभिभावक मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे है वही वर्तमान में कई स्कूल 10 वी में प्रोविजनल नामांकन के नाम पर लगभग 50 से 60 हजार रुपये ले रहे है जबकी नामांकन तभी कन्फर्म होना है जब फाइनल रिजल्ट निकलेगा । ऐसे में अभिभावकों के सामने घर का गहना, जमीन ,मकान बेचने के अलावा कोई चारा नही है ।
अजय राय ने कहा कि स्कूलों की इस तरह के दोहन नीति पर राज्यसरकार तत्काल रोक लगाए अन्यथा ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन इस मामले को लेकर कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करेगा ।
इस दौरान अजय राय, संजीव दत्ता, विद्याकर कुमार, कुमार रामदीन, आलोक झा,वीरबहादुर सिंह, विस्वजीत कुमार आदि उपस्थित थे।

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