November 23, 2020

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कोराना संदिग्धों के सैंपल जांच की धीमी रफ्तार से बढ़ सकती है मुश्किलें

दुमका:- झारखंड में दुमका जिले में कोराना वायरस संक्रमण के संदिग्ध लोगों के स्वाब सैंपल के जांच की धीमी रफ्तार से जिले में कभी भी फूट सकता है कोरोना वायरस का बम, जो स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी खड़े कर सकता है। स्वास्थ्य विभाग के ही आंकड़ों पर गौर किया जाय तो दुमका जिला से पिछले दो महीने के दौरान बीते शनिवार तक कुल 1744 कोराना वायरस संदिग्धों लोगों के सैंपल जांच के लिए धनबाद पीएमसीएच भेजे गये। इसमें से अभी तक महज 716 सैंपल की ही जांच रिपोर्ट मिली है इसमें दो सकारात्मक को छोड़ कर सभी के रिपोर्ट नकारात्मक मिले। लेकिन बाद में हुई जांच में गुरुग्राम से आये सकारात्मक पाये गये दो मरीज की जांच रिपोर्ट भी नकारात्मक मिलने के बाद जिले में कोविड मरीजों की संख्या शून्य है। लेकिन अभी तक जिले के लाभ 1028 सैंपल की जांच रिपोर्ट लंबित है। दुमका जिले से काफी संख्या में कोराना संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट लंबित रहने तथा विपरीत रिपोर्ट आने पर कोरोना वायरस से बचाव में जुटी जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य महकमे के समक्ष परेशानी उत्पन्न कर सकता है।
इसी क्रम में कोरोना संदिग्ध लोगों की जांच रिपोर्ट नहीं आने में विलम्ब होने की वजह से विभिन्न क्वारेंटाइन सेंटरों में रहनेवाले लोग परेशान हैं। इन सेंटरों में रह रहे अधिकांश लोग कोरोना जांच रिपोर्ट के इंतजार में क्वारंटाइन सेंटरों में दिन गुजारने को विवश हैं। हालांकि दुमका के सिविल सर्जन डॉ.अनंत कुमार झा दावा है कि जिले में हाल के दिनों में भारी तादाद में छात्र, छात्रा और प्रवासी लोगों के घर वापसी का सिलसिला तेज होने से पूर्व की अपेक्षा कोराना संक्रमण के सैंपल संकलन करने की गति बढ़ी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 16 मई तक भेजे गये अधिकांश सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई है। लेकिन हाल के दिनों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर दुमका पहुंच रहे हैं। ऐसे मजदूरों की हेल्थ स्क्रीनिंग की जा रही है और लक्षण पाए जाने पर उनका सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जिले में विशेष कर रेड जोन और ऑरेंज जोन से आने वाले प्रवासी मजदूरों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

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