August 14, 2020

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जनभावना के अनुरूप और स्वतंत्र रूप से प्रमुख विपक्ष की भमिका निभाएगी आजसू पार्टी: सुदेश महतो

रांची: आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा है कि जनादेश और राज्य की जनभावना के अनुरूप वह स्वतंत्र रूप से प्रमुख विपक्ष की भूमिका निभाएगी। दो दिनों के विचार मंथन के दौरान पार्टी ने की अहम फैसले भी लिए हैं। विचार मंथन में पार्टी ने स्वतंत्र रूप से राजनीति करने का फैसला लिया है। पार्टी गठबंधन सरकार के कामकाज पर सीधी नजर रखेगी और जनता के सवालों पर कोई समझौता भी करेगी। पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता डा. देवशरण भगत, वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण किशोर और शिवपूजन मेहता ने प्रेसवार्ता में पार्टी के द्वारा निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया है कि आजसू ने स्वतंत्र रूप से राजनीति करने का निर्णय लिया है। पार्टी के लिए झारखंड के विचार, विषय और जन मुद्दे पहले की तरह महत्वपूर्ण हैं और इन बातों पर वह संघर्ष को आगे बढ़ाने को तैयार है। इसके साथ ही पार्टी पूरे प्रदेश में हर स्तर पर सांगठनिक ढांचा का भी पुनर्गठन करेगी। प्रमंडल स्तर पर सम्मेलन कर पार्टी की सभी अनुषंगी इकाइयों को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय अध्यक्ष ने प्रमंडल स्तर पर जिम्मेदारी संभालने के लिए प्रभारी भी बनाए है। दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की जिम्मेदीरी देवशरण भगत, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की जिम्मेदारी सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, पलामू प्रमंडल की जिम्मेदारी पूर्व विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता और कोल्हान प्रमंडल की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री और पार्टी के प्रधान महासचिव रामचंद्र सहिस को दी गई है।

चाईबासा नरसंहार की निंदा: पार्टी ने चाईबासा जिले के बुरुगुलीकेरा गांव में सात आदिवासियों की हुई हत्या की घटना की निंदा की है। घटना की जांच के लिए पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल प्रभावित गांव का दौरा करेगा और पीड़ित परिवारों से मिलकर घटना की जानकारी लेगा। पार्टी ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवारों को मुकम्मल मुआवजा देने पर जोर दिया है।

1932 के खतियान पर स्थानीय नीति: दो दिनी विचार मंथन के दौरान पार्टी ने कहा है कि झारखंड की जनभावना के अनुरूप सरकार 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति तय करे। पूर्व की स्थानीय नीति में संशोधन के बाद ही नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि झारखंड के आदिवासियों, मूलवासियों का उनका हक और अधिकार मिल सके। आजसू के नेताओं ने कहा कि गठबंधन की सरकार नियुक्तियों की बात पर जोर दे रही है, तो उससे पहले वादे के अनुरूप वह स्थानीय नीति में संशोधन करे।

जनादेश के अनुरूप वादे पूरे करे सरकार: आजसू पार्टी ने कहा है कि सत्तारूढ़ दल झामुमो, कांग्रेस और राजद ने चुनाव से पहले जनता के सामने जो घोषणाएं की हैं और वादे किए हैं उसे वह निभाए। इधर-उधर की बात कर जनता को भरमाने का आजसू विरोध करती है। राज्य में आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 73 प्रतिशत करने के लिए सबसे ज्यादा आवाज आजसू पार्टी ने मुखर की है। झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार पिछड़ों को 27, अनुसूचित जनजाति को 32 और अनुसूचित जाति को 14 प्रतिसत आरक्षण देने पर निर्णायक फैसला ले।

राज्य को बताएं खजाना कैसे खाली हुआ: पूर्व विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और वित्त मंत्री राज्य को बताएं कि खजाना कैसे खाली हुआ है और सरकार बार-बार कह रही है कि खजाना लूट लिया गया है, तो हेमंत सोरेन को बताना चाहिए कि किसने लूटा है और कैसे लूट हुई है। राज्य को यह जानने का हक है। सिर्फ बातों में उलझा कर सरकार बच नहीं सकती। उसे बताना होगा कि अभी राजकोष में कितने पैसे हैं। राजस्व की कितनी वसूली हुई है और अगर कम हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं। केंद्रीय करों और अनुदान का कितना पैसा झारखंड को मिला है। ये तमाम आंकड़े सरकार सार्वजनिक करे। विचार मंथन में सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, विधायक लंबोदर महतो, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, उमाकांत रजक, राधाकृष्ण किशोर, पूर्व विधायक शिवपूजन मेहता के अलावा रोशन लाल चौधरी, संजय बसु मल्लिक, मनोज चंद्रा, राजेंद्र महतो, तिवारी महतो, रामदुर्लभ मुंडा, रामलाल मुंडा, बिरसा मुंडा, बर्षा गाड़ी, भरत काशी, जयंत घोष, डोमन सिंह मुंडा, नंदू पटेल मौजूद थे।

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