October 29, 2020

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राज्य के जनसंपर्क अधिकारियों को ट्विटर इंडिया, फेसबुक और पीडब्ल्यूसी के अधिकारियों ने दिया प्रशिक्षण

राँची :- सोशल मीडिया के माध्यम से सूचनाएं दें। आम लोगों से कनेक्ट करें। सरकार की योजनाओं को घर-घर एवं जन-जन तक पहुंचाने का सोशल मीडिया एक सशक्त माध्यम है। अतः फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्स एप्प जैसे सोशल मीडिया टूल्स का पूरी स्ट्रैटजी और प्लानिंग बनाकर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने आज झारखंड मंत्रालय सभागार में सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारियों के लिए आय़ोजित सोशल मीडिया कार्यशाला में ये बातें कही। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अगर कोई व्यक्ति सरकारी योजनाओं को लेकर किसी तरह की कोई जानकारी चाहता है तो उसका तुरंत जवाब दिया जाना चाहिए।

आम आदमी के रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है सोशल मीडिया

डॉ वर्णवाल ने कहा कि सोशल मीडिया आज आम आदमी के रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। यह सरकारी अधिकारियों के लिए भी काम करने के तरीके को बेहद आसान व कारगर बना दिया है। सोशल मीडिया के जरिए जहां देश-दुनिया के पल-पल की गतिविधियों से अवगत हो रहे हैं, वहीं सूचनाओं का आदान-प्रदान भी काफी तेजी से हो रहा है। खासकर जन संपर्क के क्षेत्र में परंपरागत साधनों के साथ न्यू मीडिया के उपयोग से लोगों तक सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में काफी आसानी हो गई है। उन्होंने जन संपर्क पदाधिकारियों से कहा कि वे यहां प्रशिक्षण लेने के उपरांत सोशल मीडिया का और बेहतर तरीके से इस्तेमाल करें, ताकि सरकार की योजनाओं का व्यापक और वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार हो सके।

ट्वीटर पर पल-पल की खबरों का मिलता है अपडेट

ट्वीटर इंडिया की पायल कामत ने कार्यशाला में जन संपर्क अधिकारियों को ट्विटर के अलग-अलग डाइमेंशंस तथा उनका किस प्रकार से उपयोग किया जाए इसके बारे में जानकारी दी। पोस्ट के कन्टेन्ट और किस प्रकार से अपने पोस्ट को भविष्य के लिए नियोजित किया जाए, अधिक से अधिक लोगों तक अपने पोस्ट को पहुंचाने का क्या माध्यम हो सकता है, इन सब के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आज पूरी दुनिया में 40 भाषाओं में ट्वीटर पर लोग कार्य कर रहे हैं। पायल ने बताया कि ट्वीटर टू- वे कम्यूनिकेशन है, जिसमें आप के कमेंट्स पर लोगों की प्रतिक्रिया भी जानने का मौका मिलता है। उन्होंने ट्वीटर के उपयोग के तरीके, उसके नियंत्रण के तरीके, अकाउंट को सुरक्षित रखने के तरीके से जनसंपर्क पदाधिकारियों को अवगत कराया।

झारखंड़ में एक करोड़ से ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे फेसबुक

फेसबुक के आशीष पांडेय और सिद्धार्थ ने कार्य़शाला में बताया कि सोशल मीडिया में फेसबुक का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। पूरी दुनिया में लगभग 238 करोड़ लोग फेसबुक पर हैं तो इंस्टाग्राम पर 100 करोड़ लोग और व्हाट्स एप्प का इस्तेमाल 150 करोड़ कर रहे हैं। झारखंड के संदर्भ में देखें तो यहां एक करोड़ लोग फेसबुक से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि आज के समय 70 प्रतिशत लोग स्मार्ट फोन से फेसबुक व अन्य् सोशल मीडिया को एक्सेस कर रहे हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम को लेकर उन्होंने बताया कि फेसबुक में जहां मजबूत कंटेट के साथ वीडियो और फोटो का इस्तेमाल किया जाता है, वहीं इंस्टाग्राम में फोटो और वीडियो को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है। इसके अलावा व्हाट्स एप्प का इस्तेमाल लोग व्यक्तिगत रुप से सूचनाओं के आदान-प्रदान में ज्यादा करते हैं, लेकिन सरकार के संदर्भ में इन तीनों का इस्तेमाल सरकारी योजनाओं और नीतियों को आसानी के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

सबसे तेज चलनेवाला मीडिया है सोशल मीडिया

कार्यशाला में पीडब्ल्यूसी के ऋषभ गुंजन ने बताया कि आज के दिन सबसे तेज चलने वाला मीडिया बनकर सोशल मीडिया उभरा है। यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म बन गया है। सोशल मीडिया पर आपके फॉलोअर्स देश-दुनिया में है। उनके साथ संपर्क बनाने व जुड़े रहने का यह सबसे तेज और आसान जरिया बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि अब डिजिटल मीडिया और ट्रेडिशनल मीडिया एक-दूसरे से जुड़ते जा रहा है। फेसबुक, ट्वीटर या अन्य सोशल मीडिया टूल्स पर उपलब्ध स्टोरीज को इलेक्ट्रॉनिक औऱ प्रिंट मीडिया भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के विभिन्न टूल्स का इस्तेमाल उसकी जरूरत के हिसाब से किया जाना चाहिए। उन्होंने जन संपर्क पदाधिकारियों को कहा कि डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल कर सरकारी योजनाओं का आसानी और कारगर तरीके से प्रचार- प्रसार कर सकते हैं। इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच भी आसान हो जाता है।

इस कार्यशाला में सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक श्री रामलखन प्रसाद गुप्ता, सभी उप निदेशक जन संपर्क, अवर सचिव, सभी सहायक निदेशक, सभी जिला जन संपर्क पदाधिकारी, सहायक जन संपर्क पदाधिकारी और सोशल मीडिया पब्लिसिटी ऑफिसर्स मौजूद थे।

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