December 2, 2020

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जमशेदपुर की कोमोलिका बनी कैडेट विश्व आर्चरी चैंपियन

जमशेदपुर : भारतीय तीरंदाज कोमोलिका बारी ने रविवार को स्पेन में विश्व युवा तीरंदाजी चैंपियनशिप के रिकर्व कैडेट बालिका वर्ग के एकतरफा फाइनल में जापान की उच्च रैंकिंग वाली सोनोदा वाका को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया है। जमशेदपुर की टाटा तीरंदाजी अकादमी की 17 साल की खिलाड़ी कोमालिका अंडर-18 वर्ग में विश्व चैंपियन बनने वाली भारत की दूसरी तीरंदाज बनी। उनसे पहले दीपिका कुमारी को 2009 में यह खिताब मिला था। कोमोलिका ने सेमीफाइनल मुकाबले में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था।

विश्व तीरंदाजी से निलंबन लागू होने से पहले भारत ने अपनी आखिरी प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक के साथ अभियान का समापन किया। इस महीने की शुरुआत में विश्व तीरंदाजी संस्था ने भारत को निलंबित करने का फैसला किया था।
जिसके हटने तक अब कोई भी भारतीय तीरंदाज देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर पायेगा। भारतीय तीरंदाजों ने इससे पहले शनिवार को मिश्रित जूनियर युगल स्पर्धा में स्वर्ण और शुक्रवार को जूनियर पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य जीता था।
कोमोलिका से पहले दीपिका व पलटन ने किया था कमाल
कैडेट वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप जूनियर स्तर पर सबसे बड़ा टूर्नामेंट है। इस टूर्नामेंट में अभी तक तीन भारतीय ने स्वर्ण पदक हासिल किया है।इसमें तीनों ही भारतीय झारखंड के हैं। कोमोलिका से पहले दीपिका कुमारी (2009) और सरायकेला के पलटन हांसदा (2006) ने चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है।
मैं काफी खुश हूं। मैं इतना बड़ा खिताब केवल अपने कोच के कारण ही जीत पायी हूं। उनका योगदान बहुत बड़ा है। मैं फाइनल में थोड़ा नर्वस जरूर थी, लेकिन हर तीर शूट करने से पहले मैं लंबी, लंबी सांसें लेकर कोच द्वारा बताये गये तरीके से अपने आप को एकाग्र करने की कोशिश कर रही थी।

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