October 24, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

हमले में दारोगा व सिपाही शहीद, सारण में हुई वारदात, यूपी की ओर भागे अपराधी

छपरा :- बिहार में अपराधियों का खौफ बढ़ता जा रहा है। मंगलवार की देर शाम सारण में अपराधियों ने बड़ी घटना को अंजाम दिया है। घटना में दारोगा व सिपाही शहीद हो गए। छापेमारी करने गई एसआइटी टीम पर अपराधियों ने हमलाकर दिया। उसके बाद ताबड़ताेड़ फायरिंग कर दी। घटना में एक सिपाही जख्‍मी भी है, जिसे पटना के पीएमसीएच रेफर किया गया है।

शहीद दारोगा आरा के तो सहरसा के थे शहीद सिपाही
छपरा के मढ़ौरा बाजार स्थित एलआइसी ऑफिस के सामने स्कॉर्पियो सवार अपराधियों ने एसआइटी (स्पेशल टास्क फोर्स) पर फायरिंग कर दी, जिसमें दारोगा मिथिलेश कुमार साह और हवलदार फारुख आलम शहीद हो गए। दारोगा और हवलदार को आधा दर्जन से अधिक गोलियां लगी हैं। गंभीर रूप से घायल सिपाही रजनीश कुमार को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच, पटना रेफर किया गया है। घटना मंगलवार की शाम करीब सात बजे की है। शहीद दारोगा आरा के और शहीद सिपाही सहरसा के रहनेवाले थे।
एडीजी मुख्यालय जितेंद्र कुमार ने बताया कि छपरा के गड़खा थाना क्षेत्र में डकैती की घटना हुई थी, जिसकी जांच के लिए एसआइटी गठित की गई थी। यह टीम एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लौटी थी। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए जा रही थी, उसी दौरान अपराधियों ने मढ़ौरा में पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार अपराधी पहले से घात लगाए बैठे थे। मिथिलेश की पहचान जिले के तेजतर्रार दारोगा में थी। सिवान और सारण दोनों ही जिलों में उन्होंने अपराधियों के छक्के छुड़ाए थे। घटनास्थल पर डीआइजी विजय कुमार वर्मा और एसपी हरकिशोर राय तत्काल पहुंच कर तफ्तीश कर रहे हैं।

दो स्कॉर्पियो पर सवार थे अपराधी, यूपी की ओर भागे
एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार अपराधी दो स्कॉर्पियो पर सवार थे। एक गाड़ी पर सवार अपराधियों ने ओवरटेक कर पुलिस की बोलेरो को आगे से घेर फायरिंग शुरू कर दी। दूसरी स्कॉर्पियो पर सवार बदमाशों ने बोलेरो पर पीछे से फायरिंग की। दोनों स्कार्पियो मढ़ौरा से छपरा की ओर आ रही थी। ऐसा अंदेशा है कि अपराधियों के एसआइटी के मूवमेंट की पूरी जानकारी थी। शहीद दारोगा भोजपुर के पिरौंटा पंचायत के नागोपुर के रहनेवाले थे। इस समय उनका परिवार पुरानी पुलिस लाइन के पास रहता है, जबकि शहीद हवलदार फारूख आलम का पैतृक घर सहरसा जिले में है। डीआइजी विजय कुमार वर्मा के अनुसार करीब 10 मिनट तक अपराधी फायरिंग करते रहे। पुलिसकर्मी अभी पोजीशन भी नहीं ले पाए थे कि हमला हो गया।

नट गिरोह पर सन्देह निशाने पर थे दरोगा

एसआइटी के दारोगा मिथिलेश कुमार नट गिरोह के निशाने पर थे। उनके द्वारा हाल के वर्षों में इस गिरोह के कई कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस घटना के बाद सारण और आसपास के जिलों की सीमा पर सघन चेकिंग शुरू कर दी गई है। पुलिस शहीद का शव मुख्यालय लाएगी, यहां पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल प्रबंधन को अलर्ट कराया गया है।

Recent Posts

%d bloggers like this: