October 30, 2020

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पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के हमले का प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अंदाज में दिया जवाब


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्रचीर से गुरुवार की सुबह 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जब देश को संबोधित किया तो उन्होंने एक महत्वपूर्ण सैन्य सुधार को घोषणा की। वह सुधार जो पिछले करीब दो दशक से लंबित पड़ी थी। इसके साथ साथ, उन्होंने जम्मू कश्मीर से विशेष दर्जा खत्म करने पर उनकी आलोचना करने वालों पर भी जमकर हमला बोला और यह वादा किया कि भारत की करोड़ों जनता की बेहतर जिंदगी के लिए वह हमेशा काम करते रहेंगे।
इमरान के हमले का भी प्रधानमंत्री मोदी ने चुप रहकर जबाब दिया

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 92 मिनट लंबे भाषण में 46 बार सपनों का जिक्र किया। लेकिन, इस दौरान उन्होंने एक बार भी न तो पाकिस्तान का नाम लिया और न ही कोई टिप्पणी की । जबकि, कुछ घंटे पहले पाकिस्तान के पीएम इमरान खान का पूरा भाषण भारत के पीएम मोदी और यहां तक की आरएसएस पर ही केन्द्रित था।

खान ने तो यह तक भविष्यवाणी कर दी कि भारत अब पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में बालाकोट से भी ज्यादा बड़ा हमला करने जा रहा है। पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ से बालाकोट में हवाई हमला किया गया था।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के कई प्रावधान हटाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के सरकार के कदम की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार की यह जिम्मेदरी है कि जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के लोगों के सपनों को भी पंख लगे और उनकी सभी अकांक्षाएं एवं आशाएं पूरी हों।

प्रधानमंत्री ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि अब भारत ‘एक राष्ट्र, एक संविधान वाला देश है। उन्होंने कहा, ”हम समस्याओं को टालते भी नहीं और पालते भी नहीं हैं। अब न टालने का समय है और न ही पालने का समय है। सरकार बनने के 70 दिनों भीतर संसद के दोनों सदनों ने अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने का निर्णय का अनुमोदन किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, ”मेरा कोई निजी एजेंडा नहीं है। देशवासियों ने मुझे जो काम दिया, हम उसे पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन को लेकर हर सरकार ने कुछ न कुछ प्रयास किया, लेकिन इच्छा के अनुरूप परिणाम नहीं मिले हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ” जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सपनों को पंख लगें, यह हम सबकी जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ”जो लोग अनुच्छेद 370 की वकालत कर रहे हैं उनसे देश पूछ रहा है कि अगर यह इतना महत्वपूर्ण था तो इसे आप लोगों ने स्थायी क्यों नहीं किया, अस्थायी क्यों बनाए रखा?

उन्होंने कहा, ”हम अलग तरह से सोचते हैं और हमारे लिए ‘इंडिया फर्स्ट है। राजनीति आती-जाती है, लेकिन देशहित में उठाए गए कदम सर्वश्रेष्ठ होते हैं। उन्होंने कहा, ”नयी सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में सभी क्षेत्रों में हर प्रयास को बल दिए गए हैं, हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं।

मोदी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया गया और आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ने के लिए आतंकवाद विरोधी कानून में भी संशोधन किया गया है।

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