October 25, 2020

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रांची : सीमा विवाद में रेलवे ट्रैक पर पांच घंटे पड़ा रहा शव


रांची :- जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के बाइपास के समीप कटहल कोचा में मंगलवार की देर रात 2़ 30 बजे रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिला, लेकिन रेल थाना रांची और जगन्नाथपुर थाना के बीच सीमा विवाद के कारण पांच घंटे से ज्यादा समय तक शव ट्रैक पर ही पड़ा रहा
जिसके कारण तीन सवारी ट्रेनें और नौ मालगाड़ी रुकी रही । वहीं, तीन ट्रेनों का आवागमन 40 से 45 मिनट देरी से हुआ। ट्रैक पर शव होने की जानकारी रेल थाना रांची की पुलिस ने जगन्नाथपुर पुलिस को दी़ लेकिन जगन्नाथपुर पुलिस ने रेलवे का मामला होने की बात कह कर शव को नहीं उठाया
बाद में रेलवे पुलिस ने बताया कि मामला स्थानीय थाना का है, उसके बाद जगन्नाथपुर पुलिस सक्रिय हुई़ बताया जाता है ट्रैक पर शव होने की जानकारी रेल पुलिस को जैसे ही हुई, उसके कुछ देर बाद इस घटना की जानकारी जगन्नाथ पुलिस काे दे दी गयी थी जबकि जगन्नाथपुर पुलिस का कहना है कि उन्हें इसकी सूचना सुबह पांच बजे मिली थी। इसके बाद लगभग सात बजे शव उठाने की प्रक्रिया शुरू हुई। सुबह साढ़े नौ बजे पोस्टमार्टम के लिए शव रिम्स भेजा गया़ फिलहाल खबर लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी

इस तरह की घटना होने पर डीआरएम ने आवागमन पर लगाई थी रोक

ट्रैक पर शव होने के कारण मंगलवार की रात से लेकर बुधवार की सुबह सात बजे तक ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा। मालूम हो कि शुक्रवार को आशीष नामक छात्र की मौत ट्रेन से कटने से हो गयी थी। उसी दिन डीआरएम नीरज अंबष्ट ने आदेश दिया था कि ट्रैक पर शव होने की सूचना मिलती है तो ट्रेनों का आवागमन तक तक रोक दिया जाये, जब तक शव उठा नहीं लिया जाता है। इसी निर्देश के कारण मंगलवार की रात से बुधवार सुबह तक ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया था।
कौन-कौन सी ट्रेनें प्रभावित हुईं
हटिया-टाटा पैसेंजर 40 मिनट, हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस 45 मिनट, रांची-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस 45 मिनट लेट हुई। वहीं, रांची से हटिया जानेवाली क्रियायोग एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, पटना-हटिया पाटलिपुत्रा एक्सप्रेस एक घंटे सहित कई अन्य ट्रेनें विलंब से आयीं।
चार घंटे 35 मिनट तक आवागमन बाधित रहा
रेल मंडल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज कुमार ने कहा कि डाउन लाइन में शव मिलने के कारण ट्रेनों का आवागमन चार घंटे 35 मिनट तक रोक दिया गया था। सात बजे शव हटाये जाने के बाद अावागमन सामान्य कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में अपलाइन से आवागमन हो रहा था, जिस कारण कई ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से खुलीं।

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