October 28, 2020

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झारखंड विधानसभा में झामुमो विधायकों का हंगामा, विपक्ष के निशाने पर सी पी सिंह

राँची :- झारखंड विधानसभा में गूंजे जय श्रीराम के नारे के बाद सत्‍ता पक्ष और विपक्ष में बढ़ी हुई तल्‍खी के बीच गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू हाेते ही 11:45 बजे तक स्‍थगित कर दी गई। स्‍पीकर दिनेश उरांव ने इसके बाद भी सदन की कार्यवाही चलाने की कोशिश की। लेकिन, हंगामा जारी रहने की वजह से कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इस बीच विपक्ष के नेताओं के हंगामे के बीच आर्थिक रूप से पिछड़ों के लिए आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयक सदन में पारित हो गया। इसके अलावा चार और विधेयक स्वीकृत किए गए। बाबा बैद्यनाथधाम संस्कृत विश्वविद्यालय को लेकर तैयार संशोधन विधेयक भी पारित हो गया। बीते दिन रांची में नाले में गिरकर बच्‍ची की मौत के मामले में विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने दुख जताते हुए कहा कि पूरे मामले की होगी। जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने स्वीकारा कि लापरवाही हुई है, बड़े नालों ढक्कन होना चाहिए। इधर माले विधायक राजकुमार यादव ने मंत्री सीपी सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि नगर विकास मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। बच्ची की मौत पर जवाब देने के बजाय वह नेताओं पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं। मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि बाप के नाम पर बेटा कलंक है, श्रवण कुमार नहीं। आप मंत्री हो कर ऐसी बात कैसे कर सकते हैं। भाजपा लोकतंत्र की आवाज को दबाने की साजिश रच रही है। कोई भी जनता से जुड़ा सवाल सदन में आने नहीं दिया जा रहा है। गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों ने स्थानीय नीति को रद करने की मांग को लेकर विधानसभा में प्रदर्शन किया।

झामुमो के विधायक वेल में आकर नारे लगाने लगे। जिसके जवाब में भाजपा विधायकों ने भी नारे लगाए। हो-हंगामा और शोर-शराबा के कारण विधानसभा अध्‍यक्ष दिनेश उरांव ने सदन की कार्यवाही 11:45 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है। तकरार के आसार के बीच गुरुवार को सदन की कार्यवाही में जाते समय कृषि मंत्री रणधीर सिंह को रोकने के क्रम में कृषि मंत्री ने कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी को जोकर कहा है। वे विधानसभा मे धान का बिचड़ा लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

इससे पहले बुधवार को सदस्‍यों के हो-हंगामे और शोर-शराबा के चलते दो बार सदन की कार्यवाही स्‍थगित की गई। पहली और दूसरी पाली बाधित होने के कारण प्रश्न काल नहीं चल सका। शुक्रवार 26 जुलाई तक चलने वाले मानसून सत्र के दौरान झामुमो पूरी मजबूती से सरकार की मुखालफत में जुटा है। सदन के बाहर भी जमकर बयानबाजी हो रही है। संभव है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के टकराव के नजारे सदन में आज भी देखने को मिले।

इससे पहले बुधवार को टकराव की वजह विधानसभा में लगाए गए जय श्रीराम और जय सरना के नारे भी बने। भारतीय वन कानून 1927 में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर झामुमो विधायकों के हो-हंगामे के बीच भाजपा विधायकों ने जय श्रीराम का नारा लगाया तो विपक्ष ने इसका कड़ा प्रतिवाद किया। इसके बाद भी जय श्रीराम के नारे लगने बंद नहीं हुए तो प्रतिक्रिया में कुछ विधायकों ने जय सरना के नारे लगाए। वहीं कुछ विधायक भारत माता की जय के नारे भी लगाते दिखे। सदन के अंदर लगे नारे पर बाहर भी दोनों पक्षों की ओर से तल्खी देखी गई। हो-हंगामे की वजह से सदन की पहली और दूसरी पाली में कोई कामकाज नहीं हुआ, प्रश्नकाल पूरी तरह से बाधित रहा। हां, शोरगुल के बीच स्पीकर दिनेश उरांव ने कुछ विधायी कार्यों की औपचारिकता जरूर पूरी की।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही झामुमो विधायक कुणाल षाडंगी ने भारतीय वन कानून 1927 में संशोधन पर राज्य सरकार से मांगे गए जवाब पर मंतव्य स्पष्ट करने की मांग को लेकर कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसे स्पीकर ने अमान्य करार दिया। नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन समेत झामुमो के वरिष्ठ विधायक इस मसले पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करने की मांग करने लगे।

स्पीकर के बार-बार अनुरोध करने के बाद भी वे नहीं माने और वेल में आकर प्रदर्शन करने लगे। सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष पर प्रश्नकाल बाधित करने का आरोप लगया गया। इधर, सत्ता पक्ष के कुछ विधायक खड़े होकर झामुमो नेताओं के रुख को अनुचित ठहराने लगे। बहस बढ़ती गई और इस बहस में कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत और सत्ताधारी दल के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर भी कूद गए। सबने अपने-अपने तर्क दिए, लेकिन फलाफल कुछ नहीं निकला।

इस बीच झामुमो विधायकों का वेल में प्रदर्शन जारी रहा। मंत्री सीपी सिंह ने झामुमो विधायकों की चुटकी भी ली। कहा … इनके मर्ज की दवा क्या है। इस बीच भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने भारत माता की जय और जय श्रीराम का नारा लगा दिया। झामुमो विधायक पौलुस सुरीन बोल उठे, श्रीराम नहीं चलेगा। वे जय सरना बोलते सुने गए। इसपर सत्ता पक्ष के कई विधायक खड़े हो गए और जय श्रीराम के नारे लगाने लगे। स्पीकर दिनेश उरांव ने सदन के माहौल को देखते हुए कार्यवाही 12.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी झामुमो विधायक वन कानून पर सरकार का मंतव्य स्पष्ट करने की मांग करते रहे। स्पीकर ने कुछ विधायी औपचारिकताएं पूरी कर कार्यवाही को दो बजे दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी। दूसरी पाली में भी कामकाज नहीं के बराबर हुआ। इस बीच दो संशोधन विधायक शोरगुल के बीच ही पारित हो गए।

सीपी बोले, पाकिस्तान की संसद में भी लगेगा जय श्रीराम का नारा
नगर विकास मंत्री सीपी सिंह और कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने नारों को लेकर एक दूसरे की चुटकी ली और तंज भी कसे। सीपी सिंह ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम रोम-रोम में बसे हैं। ऐसे में झामुमो का कहना जय श्रीराम नहीं चलेगा। यह उचित नहीं है। यह नारा सिर्फ विधानसभा ही नहीं पूरे देश में लग रहा है। वह समय भी आएगा जब पाकिस्तान की संसद में भी जय श्रीराम का नारा लगेगा।

इरफान ने दिखाया कलावा, कहा- मैं सबसे बड़ा रामभक्त
कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने खुद को सबसे बड़ा रामभक्त बताया है। बुधवार को पहली पाली की समाप्ति के बाद मीडिया से रूबरू विधायक ने बकायदा हाथ में बंधा कलावा भी दिखाया और भाजपा विधायकों को निशाने पर लिया। इरफान ने कहा कि सदन में डेवलपमेंट की बात होनी चाहिए। श्रीराम तो सबके हैं। भाजपा पश्चिम बंगाल की तरह झारखंड में भी माहौल खराब करने में जुटी है। इरफान और अमर बाउरी के आमने-सामने आने पर भी दोनों नेताओं ने अपनी रामभक्ति प्रकट की। इधर, सीपी सिंह भी सदन के बाहर निकलते ही जय श्रीराम का नारा लगाते दिखे। इस दौरान बाहर भी नोंकझोक हुई।

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