December 1, 2020

अनावरण न्यूज़

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खुद को एमवीआई बता ट्रकों का इंट्री पासिंग कराने वाले दो शातिर गिरफ्तार

नौगछिया :- खुद को एमवीआई (मोटर यान निरीक्षक) बताकर आवेरलोड ट्रकों की इंट्री पास कराने वाले गिरोह का नवगछिया पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए पासिंग गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार अविनाश कुमार सिंह लखीसराय जिले के कजरा थाना क्षेत्र के कजरा गांव का रहनेवाला है, जबकि गौतम कुमार खगड़िया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र के भरतखंड का रहनेवाला है। गौतम खुद को एमवीआई कहता था।

नवगछिया एसपी निधि रानी को खबर मिली थी कि झंडापुर ओपी के अंतर्गत एनएच- 31 पर इंट्री पासिंग के नाम पर वसूली की जा रही है। उन्हें यह भी पता चला था कि जय माता दी लाइन होटल की आड़ में यह कारोबार किया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद एसपी ने नवगछिया एसडीपीओ के नेतृत्व में टीम बनाई, जिसमें बिहपुर थानाध्यक्ष, झंडापुर और भवानीपुर ओपी प्रभारी को शामिल किया गया। पुलिस की टीम ने छापेमारी की तो दोनों को ट्रक चालकों से पैसे की वसूली करते रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद जब लाइन होटल में छापेमारी की गयी तो वहां से डीटीओ के नाम की रसीद, गिरोह के अन्य सदस्यों के मोबाइल नंबर, कई एटीएम कार्ड, चेक बुक व पैसे के लेन-देन के हिसाब के कागजात भी मिले। पता चला है कि ये लोग झारखंड में भी वाहनों का इंट्री व पासिंग कराते हैं।

कार्ड पर लिखा था गौतम इंट्री
पुलिस की छापेमारी के दौरान एक कार्ड मिला जिसपर गौतम इंट्री लिखा हुआ था। इंट्री फीस देने के बाद ट्रक चालकों को वही कार्ड दिया जाता था, जिसके बाद मान लिया जाता था कि उस ट्रक की इंट्री हो गयी है और उसे नहीं रोका जाना है। भागलपुर में पिछले साल मई तक गौतम कुमार एमवीआई थे। ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि पुलिस की पकड़ में आया गौतम नाम का शख्स उस एमवीआई के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहा था। दोनों के पास मिले मोबाइल से भी पुलिस को बहुत कुछ मिला है। उसमें कई संदिग्धों के नाम और मोबाइल नंबर हैं, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। दोनों के नंबर का सीडीआर भी निकाला जाएगा, ताकि पता चल सके कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।

जिस वक्त अविनाश पकड़ा गया उस वक्त नशे में था,पुलिस से उलझा
पुलिस जब छापेमारी के लिए पहुंची तो अविनाश उस वक्त शराब के नशे में था।पुलिस ने उसे नशे की हालत में गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान अविनाश और गौतम दोनो ही पुलिस से उलझ गये। पुलिस ने जब उन्हें चिकित्सीय जांच के लिए चलने को कहा तो वे तैयार नहीं हुए और बहस करने लगे। पुलिस ने जब दोनों की जांच करवाई तो पता चला कि अविनाश शराब के नशे में था। दोनों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने की धारा में भी मामला दर्ज किया गया है।

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