October 21, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

पांच घंटे में हुई रिकार्ड 186.8 मिलीमीटर बारिश, उफनाई नदियां सड़क पर बह रहा महानंदा का पानी

किशनगंज:- जिले में शनिवार की रात पांच घंटे की मूसलाधार बारिश ने पहले से परेशान बाढ़पीड़ितों की मुसीबत और बढ़ा दी है। महज पांच घंटे में ही किशनगंज प्रखंड में रिकार्ड 186.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बहादुरगंज में 162, दिघलबैंक में 164, कोचाधामन में 164.2 पोठिया में 142.6 ठाकुरगंज में 112.2 और ठाकुरगंज में 163 मिमी बारिश हुई। इस सीजन का एक दिन में वर्षापात का यह उच्चतम रिकार्ड है।

बारिश के कारण शनिवार की सुबह से घट रहे नदियों का जलस्तर अचानक एक बार फिर बढ़ गया है और नदियां उफनाने लगी है। तैयबपुर में महानंदा नदी खतरे के निशान 66 मीटर से बढ़कर 66.650 मीटर पर बह रही है। चरघरिया में कनकई नदी डेंजर लेवल 46.300 मीटर की जगह 47.760 मी. गलगलिया में मेची नदी डेंजर लेवल 82.30 मी की जगह 80.580 मी. पर बह रही है। 14 जुलाई रविवार को महानंदा बैराज से 295.887 क्यूमेक पानी छोड़ा गया।

शनिवार की सुबह से कम हो रहे नदियों के जलस्तर से लोग अभी राहत की सांस भी नहीं ले पाए थे कि भारी बारिश ने फिर लोगों की मुसीबत और चिंता बढ़ा दी। जिन सड़कों से पानी उतर आया था वहां फिर से तेजी से पानी फैलने लगा है। कई नए क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गए। बहराकोला, हटातपाड़ा, सालकी, आदिवासी टोला, बेलवा टेंगरमारी जैसे गांव पहले से ही बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित थे यहां फिर से नए सिरे से पानी फैलने लगा। प्रखंड के दक्षिणी क्षेत्र के दौला, महीनगांव और पिछला तीनो पंचायत के दर्जनभर गांव बाढ़ में डूबे हुए हैं। तीन दिनों से पानी जमा है। गांव तक जाने का रास्ता भी नहीं है। मुख्य सड़कों पर पानी का तेज बहाव है।

रात में खाना पकाना भी हुआ मुहाल, सरकारी राहत का लोगों को है इंतजार
बाढ़ पीड़ित सैकड़ों परिवार उंची सड़कों पर शरण लिए हुए हैं। दौला पंचायत के लोगों ने बताया कि पंचायत के पोरलाबाड़ी, खाड़ीबस्ती, हटातपाड़ा, बांसबाड़ी, महीनगांव, डुबानगर, बलिया, मंझौक में पानी भरा है। इन सभी गाँव के लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। दिन में एक ही बार खाना बना लेते हैं फिर उसी खाने को रात में भी खाते हैं। लोगों ने बताया कि अब तक कोई सरकारी राहत नहीं मिली है। सिर्फ यही एक सड़क डूबने से बची है शेष सभी सड़कें जलमग्न है। बलिया उत्तर टोला, दौला, खाड़ी बस्ती जानेवाली सड़क डूबी हुई है। खेतों में लगे धान के बिचड़े पानी से गल गए।

मझिया में बने डायवर्सन पर बह रहा पानी
शहर से गुजरनेवाली रमजान नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है। शहर के वार्ड 34 मझिया में बने डायवर्सन पर नदी का पानी तेजी से बह रहा है। वार्ड 34 का सड़क संपर्क टूट चुका है। दूसरी ओर शहर के बीच पुलों के नीचे जलकुंभी जमा हो जाने से पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है। बताते चलें कि शहर रमजान नदी के किनारे बसा है एवं इस नदी पर शहर में दर्जन भर से अधिक पुल बने हैं। कुछ पुल वर्ष 2017 की बाढ़ में ध्वस्त हो चुके जो अब तक नहीं बन पाए हैं।

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