October 27, 2020

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उत्तर बिहार और कोसी क्षेत्र की नदियां उफान पर भारी बारिश से अररिया और किशनगंज में स्कूल बंद

पटना :- पांच दिनों से नेपाल व प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से उत्तर बिहार और कोसी क्षेत्र की नदियाें ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को कई नदियों का जल स्तर खतरे के निशान से डेढ़ फुट तक ऊपर पहुंच गया। इससे तटबंधों पर जहां दबाव बढ़ गया है, वहीं नदियों के आसपास के गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है।

कई जगहों पर सड़कों पर पानी बहने से गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर रेलखंड में ट्रैक पर पानी आने से 13 घंटे तक ट्रेन परिचालन बाधित रहा। अररिया और किशनगंज जिलों में स्कूलों को 13 जुलाई तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।
अररिया जिले के जोगबनी के निचले इलाके में देर रात बाढ़ का पानी घुस गया और जोगबनी स्टेशन पर ट्रैक पानी में डूब गया। वहीं, कोसी-पूर्व बिहार में विभिन्न जगहों पर डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई ।

सुपौल के तिलावे, मुंगेर के दियारा, पूर्णिया, अररिया व भागलपुर में एक-एक की मौत की सूचना है। बगहा में पहाड़ी नदियों के जल स्तर में बढ़ाेतरी से गंडक नदी में शुक्रवार को 92700 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से पीपी तटबंध पर दबाव बढ़ गया है।

चौकीदारों को तटबंध पर कैंप करने का निर्देश दिया गया है। पहाड़ी नदी मनोर, सिकरहना नदी और मसान में पानी बढ़ने से कई इलकों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। बगहा में सबसे ज्यादा बारिश भितहा प्रखंड में दर्ज की गयी है। भितहा बीडीओ दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि 296.6 एमएम बारिश हुई है. वहीं, मधुबनी में कई स्थान पर कमला नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
जयनगर में कमला खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर और झंझारपुर में करीब डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है। भूतही बलान में अचानक बाढ़ आने से फुलपरास में नदी पार कर रहा एक मजदूर लापता हो गया। वहीं इस्लामपुर के पास चचरी पुल डूब गया, जिससे कालीपुर, धनखोइ, मुजियासी गांव का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से कट गया। करीब एक दर्जन गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है।
पिछले 60 घंटों से नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण पूर्वी चंपारण से होकर गुजनरने वाली करीब आठ नदियों के जल स्तर में काफी वृद्धि हुई है। लालबकेया व बागमती नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण बेलवाघाट पथ पर पानी फैल गया है। बताया गया है कि बेलवा में 1993 में बागमती का बांध टूटा था, जिससे भारी तबाही हुई थी,उसी तरह के हालात बन रहे हैं। इधर वाल्मीकिनगर बराज से करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा है।
सीतामढ़ी के कई इलाकों में बागमती का जलस्तर खतरे केे निशान से 1.5 मीटर ऊपर पहुंच गया है। रून्नीसैदपुर में वर्षा के कारण कई गांवों की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गयी हैं। बलुआ से फुलवरिया जाने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से निर्माणाधीन पथ में कुंडल गांव के समीप पुलिया के ध्वस्त हो जाने से आवागमन ठप हो गया है।
अररिया जिले की नूना, बकरा, रतवा, परमाना, कनकई, लोहंद्रा, घाघी, पहाड़ा, दास आदि नदियां उफान पर हैं। इन नदियों का पानी आसपास के गांवों में तेजी से फल रहा है। सिकटी प्रखंड की पूर्वी व पश्चिमी भाग कौआकोह, पड़रिया, पलासी, कुर्साकांटा का पूर्वी व दक्षिणी भाग पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ चुका है। फारबिसगंज-कुर्साकांटा मार्ग पर परमान नदी का पानी चढ़ चुका है।
सिकटी के पीपरा कोठी गांव के समीप मुख्य सड़क कट गया है, जिससे लगभग डेढ़ दर्जन गांवों का संपर्क सिकटी प्रखंड मुख्यालय से कट गया है। पलासी-मदनुपर के चिड़याड़ी डायवर्सन पर दो से तीन फुट पानी चलने के कारण आवागमन को बंद करा दिया गया है। इधर एनएच 327 ई पर बैरगाछी-जोकीहाट सड़क पर बोरिया डायवर्सन पर व भंगिया के निकट भी सड़क के ऊपर पानी चल रहा है।
दो लाख क्यूसेक के पार पहुंचा कोसी नदी का डिस्चार्ज
सुपौल जिले में कोसी के जल स्तर में जबरदस्त वृद्धि हुई है। शुक्रवार को पहली बार कोसी का जलस्राव दो लाख क्यूसेक के पार हो गया इसमें और भी बढ़ोतरी की संभावना है। भीमनगर स्थित कोसी बराज पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार के अपराह्न 04 बजे कुल 02 लाख 07 हजार 290 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
नेपाल स्थित बराह क्षेत्र में भी इसी समय 01 लाख 75 हजार 650 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। दोनों तटबंध के बीच बसे गांवों में दहशत है। किसनपुर, सरायगढ़, मरौना आदि प्रखंडों के दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। वहीं सिकरहट्टा-मझारी निम्न बांध के स्पर संख्या 6.40 पर दबाव बना हुआ है। खगड़िया जिले में गंगा उफान पर है। इसके जल स्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार गुरुवार के मुकाबले लगभग दोगुनी हो गयी है।
सहरसा के नवहट्टा प्रखंड क्षेत्र के तटबंध के अंदर गांव में पूरा पानी फैल गया। क्षेत्र के सात पंचायतों के एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी आने से एक लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है।
पूर्णिया जिले में महानंदा एवं कनकई नदियों के जल स्तर में वृद्धि के कारण क्षेत्र के निचले हिस्से में नदियों का पानी फैलने लगा है। कंफलिया पंचायत के आसजा कब्रिस्तान के नजदीक महानंदा नदी का कटाव काफी तेज हो गया है, जिसके कारण कब्रिस्तान का ज्यादातर हिस्सा नदी में समां गया है।
लगातार बारिश के कारण सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर ट्रैक ध्वस्त होने से परिचालन बाधित हुआ है। रून्नीसैदपुर व परमजीवर ताराजीवर स्टेशन के बीच रेलवे फाटक नंबर-16 के नजदीक शुक्रवार की सुबह ट्रैक ध्वस्त हो गया। समस्तीपुर रेल मंडल के वरीय परिचालन प्रबंधक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रैक ध्वस्त होने से उस रूट पर 13 घंटों तक परिचालन बाधित रहा। इसकी वजह से रक्सौल-पाटलिपुत्र(75215) डीएमयू फास्ट पैसेंजर एवं मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-समस्तीपुर डीएमयू(75208) को रद्द कर दिया गया।

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