October 26, 2020

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पटना कोर्ट से राहुल गांधी को मिली जमानत, कहा था-‘सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों है’

पटना :- बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ जातिगत टिप्पणी को लेकर पटना कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया था, जिसकी सुनवाई के दौरान राहुल गांधी कोर्ट में पेश हुए। मामले की सुनवाई के बाद जज गुंजन कुमार ने राहुल गांधी को दस हजार-दस हजार के दो निजी मुचलके पर जमानत दे दी है

कोर्ट में पेशी के लिए राहुल गांधी पटना पहुंचे। राहुल गांधी के उपस्थित होने से पहले ही उनके वकील की तरफ से आत्मसमर्पण सह जमानत की अर्जी दे दी गई थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था और राहुल गांधी के सशरीर उपस्थित होने के बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।

राहुल गांधी ने कहा-मैं अपने इस्तीफे के फैसले पर कायम हूं

कोर्ट में पेशी के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैं अपने इस्तीफे पर कायम हूं। हिंदुस्तान की आवाज को दबाया जा रहा है। मैं पटना कोर्ट में पेशी के लिए आया था। मुझे जहां-जहां जाने की जरूरत होगी, जाऊंगा।

जमानत मिलने के बाद डोसा खाने पहुंचे राहुल गांधी

पटना के सिविल कोर्ट से जमानत मिलने के बाद राहुल गांधी पटना के रेस्टोरेंट में डोसा खाने पहुंचे। उनके साथ कांग्रेस के नेता शक्तिसिंह गोहिल और प्रेमचंद्र मिश्रा भी थे। राहुल गांधी अचानक रेस्टोरेंट पहुंचे और वहां उपस्थित लोगों से भी बातचीत की।

राहुल गांधी कोर्ट में पेश होने के लिए पटना एयरपोर्ट से सीधे कोर्ट पहुंचे। कोर्ट के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की काफी भीड़ लगी रही। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता लगातार राहुल गांधी से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे को वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि राहुल गांधी अगर अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे तो हम आत्मदाह करेंगे।

सुशील कुमार मोदी ने दायर किया था मानहानि का यह मुकदमा

बताते चलें कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राहुल गांधी पर जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल किए जाने को लेकर मानहानि का मुकदमा दायर किया था जिसकी सुनवाई पटना के एमपी एमएलए कोर्ट में हुई जिसमें उन्हें जमानत मिल गई है।

मुजफ्फरपुर-हाजीपुर जाने की नहीं मिली अनुमति

राहुल गांधी शनिवार की दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर पटना पहुंचें और फिर वो सीधे एमपी एमएलए कोर्ट की सुनवाई में शामिल हुए। यहां से वे दिल्ली वापस लौट गए। राहुल गांधी ने एईएस से पीड़ित बच्चों को देखने की इच्छा जतायी थी, लेकिन उन्हें मुजफ्फरपुर और हाजीपुर जाने की अनुमति नहीं मिली।

लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल ने दिया था विवादित बयान

बताते चलें कि राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 13 अप्रैल को कर्नाटक के बेलूर क्षेत्र के ककोर में हुई एक चुनावी सभा में मोदी उपनाम वालों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। राहुल गांधी ने कहा था कि ‘सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों है?’ राहुल की इस टिप्पणी के बाद सुशील मोदी ने उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया था।

इसपर सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष ने यह टिप्पणी कर के उनकी छवि खराब की है। उन्होंने तब अदालत में केस दर्ज करते हुए कहा था कि एक टाइटल वाले सारे लोगों की छवि खराब करने की कोशिश करना एक आपराधिक कृत्य है और इसकी सजा उन्हें अदालत से मिलनी चाहिए।

सुशील कुमार मोदी ने अदालत से अनुरोध किया कि राहुल गांधी की टिप्पणी पर मानहानि से संबंधित आईपीसी की धाराओं 499 और 500 के तहत संज्ञान लिया जाए और कांग्रेस अध्यक्ष को समन जारी कर के उनके खिलाफ सुनवाई की जाए। इसके बाद 27 अप्रैल को राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया गया था। फिर 20 मई को उन्हें पेश होने को कहा गया था, लेकिन वो तय तिथि पर आ नहीं सके थे और शनिवार को कोर्ट में पेश हुए।

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