October 25, 2020

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वर्षा नहीं होने से जिले में धान की खेती प्रभावित

किशनगंज :- बिहार का चेरापूंजी कहे जाने वाले किशनगंज जिले में इस वर्ष अभी तक पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींचने लगी है एवं इससे धान की खेती पर ग्रहण लगते नजर आ रहा है। पूर्व के वर्षों में जब दिघलबैंक प्रखंड सहित पूरे किशनगंज जिले में जून के शुरुआती महीने में ही मूसलाधार बारिश शुरू हो जाती थी तथा किसान अपने अपने खेतों में धान की रोपनी शुरू कर देते थे, लेकिन इस वर्ष अभी जुलाई महीना शुरू हो गया है, लेकिन खेतों में अभी भी धूल उड़ रहे हैं। किसान परेशान है कि आखिर कब वर्षा होगी एवं वे धान की खेती शुरू करेंगे। ज्ञातव्य है कि इस क्षेत्र का मुख्य फसल धान ही है। लगभग शत प्रतिशत खेतों में यहां धान की खेती की जाती है। इसके लिए किसानों को पूर्ण रूप से वर्षा के पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता है। क्षेत्र के किसान शहवत लाल गणेश, हीरालाल सिंह, विनोद बिहारी सिंह, मदन मोहन सिंह, मो. शहाबुद्दीन आदि ने बताया कि धान की पैदावार के अनुसार ही लोग अपने पूरे वर्ष का बजट तैयार करते हैं। चाहे बेटी की शादी हो या बेटे-बेटी की पढ़ाई, सभी कुछ धान की खेती पर ही निर्भर है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि हर वर्ष समय से वर्षा होने के कारण किसान उसी के अनुसार धान का बिचड़ा भी गिराते हैं। इस वर्ष भी किसानों ने अपने अपने खेतों में धान का बिचड़ा तो गिरा दिया, लेकिन अब बारिश नहीं होने से बिचड़ा का उम्र भी समाप्त होते जा रहा है, जो कि किसानों के लिए चिंता का विषय है।

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