October 27, 2020

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आतंकी फंडिंग मामले में हाफिज सईद के खिलाफ ऐक्शन को मजबूर हुआ पाकिस्तान

आतंकी संगठनों की फंडिंग रोकने में नाकाम रहा पाकिस्तान अब ब्लैकलिस्ट होने से बचने के लिए ऐक्शन लेने को मजबूर हो गया है। पाक मीडिया रिपोर्टों की मानें तो मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा के सरगना हाफ़िज़ सईद के खिलाफ आंतकी फंडिंग का केस दर्ज किया गया है। हाफिज अकेला नहीं है, उसके अलावा भी कई आतंकियों के खिलाफ लाहौर, गुजरांवाला और मुलतान में केस दर्ज किए गए हैं। हालांकि पाकिस्तान पहले भी ऐसे कदम उठा चुका है। ऐसे में साफ तौर पर यह नहीं कहा जा सकता है कि उसने दुनिया को दिखाने के लिए नहीं, वास्तव में आतंकियों के खिलाफ ऐक्शन लेना शुरू कर दिया है।

बताया गया है कि पंजाब आतंकवाद निरोधक विभाग ने हाफिज के प्रतिबंधित संगठन के खिलाफ यह कार्रवाई की है। आतंकवाद निरोधक कानून के तहत 5 प्रतिबंधित संगठनों दावातुल इरशाद ट्रस्ट, मोएज बिन जवाल ट्रस्ट, अल अनफाल ट्रस्ट, अल मदीना फाउंडेशन ट्रस्ट और अलहमाद ट्रस्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन मामलों में जिन्हें नामजद किया गया है, उनमें हाफिज सईद, अब्दुल रहमान मक्की, अमीर हमजा और मुहम्मद याहया अजीज शामिल हैं। इन लोगों पर जो आरोप लगाए गए हैं, उनमें चैरिटी के नाम पर आतंकवाद के लिए वित्तपोषण प्रमुख है।

पड़ोसी देश को आतंकवाद से संबंधित वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए विश्वसनीय और ठोस कदम उठाने चाहिए।
दरअसल, पाकिस्तान ऐंटी-मनी लॉन्ड्रिंग/फाइनैंशल टेररेज़म के खिलाफ ऐक्शन के वैश्विक स्टैंडर्ड का पालन न करने को लेकर जांच से बचना चाहता है। अगर वह ब्लैकलिस्ट हुआ तो पहले से खस्ताहाल चल रही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगेगा। उस पर कई तरह के प्रतिबंध भी लग सकते हैं।

आतंकवादी समूहों की फंडिंग पर रोक लगाने में असफल रहने वाले देशों को एफएटीएफ की ‘संदिग्ध’ सूची में रखा जाता है। एफएटीएफ ने हाल में सप्ताहभर चली बैठक में पाकिस्तान को अपनी जमीन पर आतंकवाद को संरक्षण देने तथा आतंकी फंडिंग को रोकने से संबंधित वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए भरोसेमंद, प्रमाणित किए जाने योग्य तथा टिकाऊ कदम उठाने को कहा है। एफएटीएफ ने पाकिस्तान को पिछले साल जून में ‘संदिग्ध’ सूची में शामिल किया था।

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