October 20, 2020

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पटना में फिर हुई डकैती: थाने से एक किमी की दूरी पर दिनदहाड़े डाका

राजधानी में दिनदहाड़े ज्वेलरी शोरूम में हुई डकैती के महज सात दिन ही बीते हैं कि एक और घटना ने पुलिस के होश उड़ा दिए। शुक्रवार की सुबह साढ़े ग्यारह बजे ही डकैतों ने पुलिस को खुली चुनौती दी और रामकृष्ण नगर थाने से महज एक किलोमीटर की दूरी पर एलआईसी एजेंट हरेंद्रनाथ तिवारी के घर को निशाना बनाया। दिनदहाड़े घर में घुसकर अपराधियों ने घर से छह लाख रुपए के गहने और 2.3 लाख रुपए नकद राशि लूट ले गए। सरेशाम हुई इस डकैती के दौरान बदमाशों ने एलआईसी एजेंट के बेटे विष्णुकांत तिवारी उर्फ राहुल के साथ मारपीट भी की। महिलाओं को बंधक भी बनाया था।

शुक्रवार सुबह 11:40 बजे के बाद अचानक से कुछ लोग पुलिस पीछा कर रही कहते हुए घर के अंदर दाखिल होते हैं। इसके बाद अचानक से अपने हथियार बाहर निकाल लेते हैं। पूर्वी रामकृष्णा नगर की घाना कॉलोनी में रहने वाले एलआईसी एजेंट हरेंद्रनाथ तिवारी के परिजन जबतक समझ पाते, तब तक वह डकैतों की गिरफ्त में थे। हरेंद्रनाथ के बेटे विष्णुकांत तिवारी ने आंशिक रूप से विरोध जताया तो जान से मारने की धमकी देने लगे। इस पर परिवार के सदस्यो ने खुद को सरेंडर कर दिया। इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर एक घंटे तक लूटपाट करते रहे। इस दौरान दो डकैत घर के बाहर भी खड़े रहे। पूरे घर से छह लाख का कहने और 2.30 लाख रुपए नकद लेकर भाग निकले।

पुलिस को फिर चुनौती : एक तरफ आशियाना-दीघा रोड में पांच करोड़ की आभूषण लूट की गुत्थी पुलिस सुलझा भी नहीं पाई थी कि अपराधियों ने एक और वारदात को अंजाम देकर पुलिस के पसीने छुड़ा दिए। इससे साफ है कि पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। मुख्य मार्गों पर आम नागरिकों की जांच तक ही पुलिस सिमट गई है।

घर दिखाने की बात कहकर अंदर पहुंचे

हरेंद्र के घर के आगे टू लेट का बोर्ड देखकर सीधा पहले तल्ले पर चले गए। यहां हरेंद्र का बेटा विशाल बैठा था। उसने जब बिना बेल बजाए अंदर आने पर फटकार लगाई तो वापस चला गया। तभी दो लोग अचानक से अंदर घुसे और पुलिस पीछा कर रही है की बात कहने लगे। तीसरे के अंदर आते ही सबकुछ अचानक से बदल गया। जबतक विशाल समझ पाता, अपराधियों ने अपना पिस्टल दिखाना शुरू कर दिया है। इसके बाद महिलाओं पर भी पिस्टल तानते हुए कहा कि जिसके पास जो भी है दे दो। इसके बाद बेटे को पिटते देख घरवाले चुप हो गए। दो बदमाश हरेंद्र की पत्नी रमावती देवी, बेटी करुणा और बेटे विशाल के हाथ-पैर बांध दिए, जबकि तीसरा घर के भीतर आलमारी खंगाल रहा था। आलमारी में एक बक्से को तोड़कर उसमें रखे जेवरात डकैतों ने निकाले। यह सब घर के लोग देखते रहे।

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने लिया जायजा
राजधानी के पॉश इलाके में हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही हमेशा की तरह आला अफसर मौके पर पहुंचे। इसमें एसएसपी गरिमा मलिक, एसपी सिटी पूर्वी से लेकर अन्य पुलिस अफसर मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने डकैतों की तलाश में छापेमारी की बात भी कही। शाम आठ बजे तक अपराधियों से संबंधित किसी तरह का सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा था। पुलिस अंधेरे में तीर चला रही थी।

सीसीटीवी कैमरे में अपराधियों की तलाश
शुक्रवार को हुई इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने आसपास के घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया है। फिलहाल पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। छापेमारी का दावा जरूर किया जा रहा है।

मां का हाथ बंधा देख रोने लगे थे बच्चे
घर में मां का हाथ बंधा देख बच्चे रोने लगे। इस पर डकैतों ने दया दिखाते हुए मां का हाथ खोल दिया। जिस जगह अपराधी डकैती कर रहे थे वहीं पर बगल के कमरे में करुणा का चार साल का बेटा सोया था। डकैतों को देख वह रोने लगा, जिसके बाद अपराधियों ने बच्चे की मां के हाथ खोल दिए।

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