October 30, 2020

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“भगवान शिव-हमारी सांस्कृतिक धरोहर”- हरीन्द्रानंद जी

राँची : – शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन के तत्त्वावधान में ‘‘भगवान शिव-हमारी सांस्कृतिक धरोहर’’ विषयक संगोष्ठी एवं निःशुल्क चिकित्सा जाँच शिविर ‘‘शाखा मैदान, एच॰ई॰सी॰ धुर्वा, राँची में आयोजित किया गया।

कालखंड के प्रथम शिव शिष्य और इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि साहब श्री हरीन्द्रानंद जी ने कहा भगवान शिव हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। भारत की मिट्टी में,हमारे संस्कारों में शिव समाहित हैं। सर्वाधिक रूप से पूजित हैं महादेव। देश के कोने कोने में इनकी महता से ही समझा जा सकता है कि इनकी जड़ें कितनी भीतर तक हैं। साहब श्री हरीन्द्रानंद जी ने कहा कि भगवान शिव के बिना भारत भूमि की कल्पना ही बेमानी है। भगवान शिव भारत भूमि की मिट्टी की सुगंघ में रचे-बसे हैं तभी तो कहावत प्रचलित है ‘‘चंदा मामा सबके मामा शिव घर-घर के बाबा’’। शिव हमारी विरासत हैं। इतिहास को देखा जाए तो हमे पता चलेगा कि महादेव एक कल्पना नहीं अपितु एक सोच है, हमारी सोच हैं शिव। वरेण्य गुरु भ्राता ने कहा कि यही शिव गुरु का काम भी करते हैं। आज से नही बल्कि सदियों से। जब से यह सृष्टि बनी है तभी से ही।

इस कालखण्ड में शिव शिष्यता की प्रणेता दीदी नीलम आनन्द की 15वीं पुण्य तिथि के अवसर पर इस संगोष्ठी में शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन की अध्यक्षा श्रीमती बरखा सिन्हा, न्यास के मुख्य सलाहकार श्री अर्चित आनन्द, प्रो॰ रामेश्वर मंडल, श्री शिव कुमार विश्वकर्मा ने मुख्य रूप से अपने विचार प्रकट किए साथ ही विभिन्न स्थानों से आए लोगों ने भी अपने-अपने विचार दिए।

संगोष्ठी के साथ-साथ निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया जिसमें मधुमेह, दंत चिकित्सा, शिशु रोग चिकित्सा, हृदय रोग एवं नेत्र रोग आदि की निःशुल्क जाँच लगभग पाँच सौ व्यक्तियों की की गई। चिकित्सा शिविर में मुख्य रूप से दृष्टि नेत्रालय, के चिकित्सकों सहित डॉ॰ राठौर,(होमियो पैथ) राँची, श्रीमती कुसुम एवं श्रीमती किरण के द्वारा निःशुल्क जाँच की गई।

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