October 28, 2020

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करोड़ों रुपये के दवा घोटाले में PMCH के पूर्व अधीक्षकों सहित 14 के खिलाफ आरोप गठित

करोड़ों रुपये के दवा घोटाले में विजिलेंस के विशेष न्यायाधीश मधुकर कुमार ने 14 आरोपियों के विरूद्ध आरोप गठित कर दिया। इससे अभियुक्तों की मुश्किलें अब बढ़ गई हैं। अदालत ने विजिलेंस को अगली तिथि 31 मई को गवाह प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
विजिलेंस की विशेष कनीय लोक अभियोजक आनंदी सिंह के अनुसार अदालत ने पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. रंजन कुमार सिंह, डॉ. ओम प्रकाश चौधरी और डॉ. गणेश प्रसाद, नेफ्रोलॉजी विभाग के तत्कालीन विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार सिंह, मेडिकल स्टोर के तत्कालीन प्रभारी शिवेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर (औषधि) विकास शिरोमणि और डॉ. अशोक कुमार यादव, तत्कालीन कार्यालय अधीक्षक विष्णुदेव प्रसाद और आनंद बिहारी, मशीन खरीदारी में शामिल तत्कालीन क्लर्क विष्णुधारी ठाकुर, विजय नारायण राय, सुनील कुमार गुप्ता और राज कुमार के खिलाफ आरोप गठित किया गया है।

कनीय लोक अभियोजक ने बताया कि सभी 15 अभियुक्त आरोप गठन के वक्त अदालत में मौजूद थे। अभियुक्त तत्कालीन सर्जिकल स्टोर प्रभारी रघुनाथ शरण अदालत में उपस्थित नहीं थे। अदालत ने शरण का जमानत खारिज कर दिया है । और उनके खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी कर दिया है।
कनीय लोक अभियोजक के अनुसार घोटाले की भनक तब लगी जब शिकायत विजिलेंस के पास पहुंचने लगी। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता गुड्डू बाबा ने वर्ष 2013 में पटना उच्च न्यायालय में एक समावेश याचिका दायर कर कहा कि घोटाला बड़ा है इसलिये इसकी जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की जरूरत है। पटना उच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई के बाद 5 अगस्त 2014 को जांच का जिम्मा विजिलेंस को सौंप दिया। विजिलेंस ने जांच के बाद मामले में 27 फरवरी 2015 को आरोप पत्र दायर कर दिया ।
यह घोटाला वित्तीय वर्ष 2008- 2009 और 2009-2010 में हुआ। आरोपितों ने दवा, मेडिकल उपकरण, औजार, रसायन आदि की खरीदारी की थी। घोटाला 12 करोड़ 63 लाख 62 हजार 970 रुपये का है।

आरोपितों ने नियम व कानून को ताक पर रखकर अपनी चहेती कंपनियों से सभी सामानों की खरीदारी की। बाजार भाव से अधिक मूल्य पर इनकी खरीद की गईकरोड़ों रुपये के दवा घोटाले में विजिलेंस के विशेष न्यायाधीश मधुकर कुमार ने 14 आरोपितों के खिलाफ आरोप गठित कर दिया। इससे अभियुक्तों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अदालत ने विजिलेंस से अगली तिथि 31 मई को गवाह प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
विजिलेंस की विशेष कनीय लोक अभियोजक आनंदी सिंह के अनुसार अदालत ने पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. रंजन कुमार सिंह, डॉ. ओम प्रकाश चौधरी और डॉ. गणेश प्रसाद, नेफ्रोलॉजी विभाग के तत्कालीन विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार सिंह, मेडिकल स्टोर के तत्कालीन प्रभारी शिवेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर (औषधि) विकास शिरोमणि और डॉ. अशोक कुमार यादव, तत्कालीन कार्यालय अधीक्षक विष्णुदेव प्रसाद और आनंद बिहारी, मशीन खरीदारी में शामिल तत्कालीन क्लर्क विष्णुधारी ठाकुर, विजय नारायण राय, सुनील कुमार गुप्ता और राज कुमार के खिलाफ आरोप गठित किया गया है।

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