October 26, 2020

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चक्रवाती तूफान ‘फानी’ का असर, झारखंड में 5 दिनों तक होगी बारिश

रांची:- चक्रवाती तूफान फानी के प्रभाव में झारखंड भी आ गया है। फानी के असर से 4 और 5 मई काे भी झारखंड में मूसलाधार बारिश हो सकती है। माैसम विभाग अनुसार फानी चक्रवात अभी बंगला की खाड़ी में है। यह चक्रवात ओडिशा काेस्ट के आगे बढ़ रहा है। 4 मई काे ओडिशा के तट पहुंचेगा। इसका असर 3, 4 और 5 मई को झारखंड में दिखेगा। झारखंड में गर्मी से राहत मिलेगी। इस चक्रवात के आने से पहले ही झारखंड का माैसम भी बदलेगा और आसमान में बादल छाए रहेंगे। राज्‍य के कई इलाकों में मध्‍यम और तेज बारिश हाे सकती है।

मौसम विभाग की मानें तो दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी व सीमावर्ती क्षेत्रों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण शहरवासियों को अगले एक-दो दिनों में चिलचिलाती धूप व भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान है कि दो मई को बारिश होने की संभावना है। मौसम के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी व सीमावर्ती क्षेत्रों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है। झारखंड में इस सिस्टम का आंशिक असर होगा। मौसम वैज्ञानिकों ने इसे फानी (एफएएनआइ) नाम दिया है।

अगले 12 घंटे में इस सिस्टम के सीवियर साइक्लोनिक सर्कुलेशन में व उसके 24 घंटे बाद वेरी सीवियर साइक्लोनिक सर्कुलेशन में परिवर्तित होने की संभावना है। बुधवार के बाद यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम की ओर व उसके बाद उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा ओडि़शा के आंतरिक हिस्सों व उससे जुड़े सीमावर्ती क्षेत्रों में समुद्रतल से ऊपर 1.5 किमी. क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि एक मई को दक्षिणी झारखंड के जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। जबकि दो मई को दक्षिणी व मध्य झारखंड के जिलों में कुछ स्थानों पर हल्के व मध्यम दर्जे की बारिश होगी तथा एक व दो मई को दक्षिणी व मध्य झारखंड के कुछ जिलों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने व वज्रपात होने की संभावना है।

इससे पहले मंगलवार को राजधानी रांची में 3 बजते ही एकाएक मौसम ने करवट ले लिया और चिलचिलाती धूप के बदले तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई । रात तक आसमान में घने बादल छाए रहे। मेघ गर्जना के साथ साथ बिजली की तड़तड़ाहट भी गूंजती रही। कुछ जगहों पर वज्रपात भी होने की ख़बर है। जानकारों का मानना है कि मौसम में यह परिवर्तन साइक्लोनिक सर्कुलेशन फानी के कारण हुआ है।

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