October 26, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

मंत्री के आश्वासन के बाद भी आज तक रिम्स में नही आया हार्ट लंग मशीन ।

राँची :- रिम्स में 500 मरीज ऐसे हैं, जो रिम्स के सीटीवीएस विभाग में इलाजरत हैं। इन्हें सर्जरी की जरूरत है, लेकिन हार्ट लंग मशीन नहीं होने के कारण इनकी सर्जरी नहीं हो पा रही है। ये मरीज इंतजार के सिवा कुछ भी नहीं कर सकते, क्योंकि इनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे किसी बड़े अस्पताल में जाकर हार्ट सर्जरी करा सकें। महज एक मशीन के कारण सैकड़ों मरीजों की जान सांसत में फंसी है। हैरत की बात यह है कि रिम्स में एक तरफ जहां महज 80 लाख की मशीन के लिए मरीजों की जान पर बनी है ।वे आज भी मशीन की बाट जोह रहे हैं ।

स्वास्थ्य मंत्री ने एक महीने में मशीन लाने का वादा किया था ।
रिम्स में पहली दफा कार्डियक सर्जरी किए जाने के बाद चार फरवरी को स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने संवाददाता सम्मेलन किया था। इस दौरान मंत्री ने कहा था कि एक माह के अंदर रिम्स में हार्ट लंग मशीन खरीद ली जाएगी। लेकिन आज तक मशीन नहीं खरीदी जा सकी है। वहीं, रिम्स गवर्निंग बॉडी की बैठक में यह फैसला लिया जा चुका है कि जिस दर पर एम्स या कोई अन्य केंद्रीय स्तर के अस्पतालों में उपकरण खरीदे गए हैं, उसी दर पर रिम्स में भी मशीनें खरीद ली जाएं। इसके बाद सीटीवीएस विभाग की ओर से एम्स, नई दिल्ली, आरएमएल हॉस्पिटल, नई दिल्ली, आरएमएल हॉस्पिटल, लखनऊ, एसजीपीजीआई, लखनऊ में की गई खरीदारी की पूरी सूची प्रबंधन को सौंप दी गई। इससे पहले भी पांच दफा किसी न किसी कारण से हार्ट लंग मशीन खरीदने का टेंडर रद्द होता रहा है। सीटीवीएस विभाग के एचओडी डॉ अंशुल कुमार के प्रयास से हार्ट लंग मशीन बनाने वाली कंपनी मैके ने जनवरी में विभाग को एक डेमो हार्ट लंग मशीन दी थी। उस मशीन से पीजीआई चंडीगढ़ के कार्डियक सर्जन डॉ आनंद मिश्रा एवं एनेस्थेटिस्ट डॉ भूपेश के मार्गदर्शन में दो से चार फरवरी के बीच तीन मरीजों की एवं दो मार्च से चार मार्च के बीच एम्स के कार्डियक सर्जन डॉ देवगुरु और एनेस्थेटिस्ट डॉ पराग के निर्देशन में चार मरीजों की हार्ट सर्जरी की गई। लेकिन 10 मार्च को मैके कंपनी अपनी डेमो हार्ट लंग मशीन रिम्स से वापस ले गए । इसके बाद से रिम्स में कार्डियक सर्जरी बंद है।

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