October 25, 2020

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बैंक या डाकघर को प्राथमिकता के आधार पर खोलना है अभ्यर्थी का खाता

श्री एल खियांग्ते, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय का लेखा-जोखा रखने के लिए पृथक बैंक खोलना अनिवार्य है. अभ्यर्थी को नामांकन पत्र दाखिल करने के कम से कम एक दिन पहले अनिवार्य रुप से पृथक बैंक खाता खोल लेना है और नामांकन दाखिल करने के दौरान संबंधित क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर को लिखित रुप में इसकी जानकारी देनी है. इस संदर्भ में बैंकों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर अभ्यर्थी का खाता खोला जाना है, अगर किसी अभ्यर्थी ने बैंक खाता नहीं खोला है अथवा इसकी सूचना नामांकन करने के दौरान नहीं दी है तो संबंधित क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर इसके लिए अभ्यर्थी को निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अनुपालन करने के लिए नोटिस जारी करेंगे.
श्री खियांग्ते ने बताया कि लोकसभा निर्वाचन व्यय का लेखा-जोखा रखने के लिए अभ्यर्थी स्वयं अथवा अपने निर्वाचन अभिकर्ता के साथ संयुक्त बैंक खाता खोल सकता है. लेकिन, यह बैंक खाता अभ्यर्थी के किसी पारिवारिक सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति के साथ नहीं खोला जा सकता है जो उसका निर्वाचक अभिकर्ता नहीं है.

राज्य के किसी इलाके में खोला जा सकता है बैंक खाता
श्री खियांग्ते ने बताया कि अभ्यर्थी के बैंक खाता खोलने को लेकर संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की कोई बाध्यता नहीं है. अभ्यर्थी राज्य के किसी भी इलाके में निर्वाचन व्यय के लेखा- जोखा रखने के लिए बैंक खाता खोल सकता है. बैंक खाता किसी भी सार्वजनिक बैंक, सहकारी बैंक अथवा डाकघर में भी खोला जा सकता है. सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी इस संदर्भ में अभ्यर्थियों, राजनीतिक दलों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े ऑफिशियल्स को जानकारी उपलब्ध कराएंगे.
पृथक बैंक खाते से किए जाएंगे सभी निर्वाचन व्यय
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि अभ्यर्थी द्वारा सभी निर्वाचन व्यय पृथक बैंक खाते से किए जाएंगे. साथ ही अभ्यर्थी को अपने निर्वाचन व्यय का भुगतान रेखांकित अकाउंट पे चेक, ड्राफ्ट, आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से ही करना होगा. अगर कोई अभ्यर्थी निर्वाचन व्यय पृथक बैंक खाते अथवा, रेखांकित अकाउंट पे चेक, ड्राफ्ट, आरटीजीएस या एनईएफटी से नहीं करता है तो यह निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अवहेलना माना जाएगा. उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी को निर्वाचन पर किए जाने वाले सभी खर्च का निधि, चाहे उसका स्रोत कुछ भी हो, इसी बैंक खाते में डालना होगा.
20 हजार रुपए तक कर सकता है नकद भुगतान
अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन व्यय को लेकर 20 हजार रुपए तक नकद भुगतान किसी व्यक्ति अथवा फर्म को किया जा सकता है, लेकिन, इस राशि का भुगतान भी निर्वाचन व्यय के मकसद से खोले गए बैंक खाते से ही करना है.
डीईओ को देनी होगी बैंक खाता विवरणी की प्रतिलिपि
श्री खियांग्ते ने बताया कि अभ्यर्थी को निर्वाचन परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के अंदर जिला निर्वाचन पदाधिकारी के पास अपने निर्वाचन व्यय के लेखे के बैंक खाते की विवरणी की स्व प्रमाणित प्रतिलिपि दाखिल करना अनिवार्य है.

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