October 30, 2020

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CST के पास फुटओवर ब्रिज गिरने से 5 की मौत, 36 घायल, हेल्पलाइन नंबर जारी

मुंबई में छत्रपति शिवाजी स्टेेशन के पास एक फुटओवर ब्रिज गिर गया, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 36 अन्य घायल हो गए।

मुंबई : मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के पास एक फुटओवर ब्रिज गिर गया, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 36 अन्‍य घायल हो गए। हादसा गुरुवार शाम करीब 7.30 बजे हुआ। घायलों को अस्‍पतालों में भर्ती कराया गया है। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्‍या बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है।

यह फुटओवर ब्रिज सीएसटी प्‍लेटफॉर्म संख्‍या 1 के उत्‍तरी छोर को टाइम्‍स ऑफ इंडिया बिल्डिंग के पास बीटी लेन से जोड़ता था। पुलिस ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग चुनने की सलाह दी है, क्‍योंकि घटना के बाद यहां यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। घटना के तुरंत बाद बचाव एवं राहत शुरू कर दिए गए। घटनास्‍थल पर सीनियर अधिकारी मौजूद हैं। हादसे में जान गंवाने वालों की संख्‍या फिलहाल 5 बताई जा रही है, जबकि घायलों की संख्‍या 36 बताई गई है। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर दुख जताया है। उन्‍होंने राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए । हादसे में घायल कई लोगों को किंग जॉर्ज अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। वहां के लिए हेल्‍पलाइन नंबर 022-22620242 जारी किया गया है।

जिस जगह पर यह हादसा हुआ है, वह बेहद भीड़भाड़ वाला इलाका है। ऐसे में ब्रिज के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। फुटओवर ब्रिज के मलबे में 10-12 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचावकर्मी मलबे से लोगों को बाहर निकालने के काम में जुटे हैं। घटना के बाद यहां पुलिस की कई टीम को भेजा गया है। साथ ही स्थानीय प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।

इस घटना के बाद मुंबई में विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस ब्रिज की देखभाल बृहनमुंबई म्‍यूनिसिपल कॉरपोरेशन करता था। 2016 में इसकी मरम्‍मत किए जाने की बात भी सामने आ रही है। बताया जाता है कि यह ब्रिज बीएमसी मुख्‍यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर था।

एक प्रत्‍यक्षदर्शी के अनुसार, हादसे के वक्‍त रेड सिग्‍नल था, जिसकी वजह से कई गाड़‍यां रुकी थीं, अन्‍यथा हादसा और भी बड़ा हो सकता था और कई अन्‍य लोगों की जान भी जा सकती थी। बताया जाता है कि इसकी देखभाल बीएमसी के जिम्‍मे था और 2016 में इसकी मरम्‍मत भी की गई थी।

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