October 20, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

बरेली दरगाह आला हज़रत बरेली शरीफ दरगाह से उठी सैनिको के खून का बदला लेने की मांग

सुन्नी बरेलवियो के मरकज़ दरगाह आला हज़रत से पुलवामा में हुए आतंकी हमले का बदला लेने की मांग उठी l एक आवाज़ में उलेमा ने हिंदुस्तानी जवानों पर कातिलाना व जान लेवा हमले की पुरजोर मज़म्मत की और मरकज़ी हुकूमत से सैनिको के खून का बदला लेने की मांग की l  आज दरगाह आला हज़रत पर दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां ) की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन रज़ा क़ादरी की सदारत में सुन्नी बरेलवी सूफ़ी विचार धारा रखने वाले आलिमो,मुफ्तियों, बुद्धजीवियों धर्मगुरुओ व मदरसा मंज़र ए इस्लाम के छात्रों  ने दरगाह पर जोरदार  विरोध प्रदर्शन किया l छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर दहशत गर्दी बंद करो, आतंकबाद मुर्दाबाद, हिंदुस्तानी सैनिको तुम संघर्ष करो  हम तुम्हारे साथ है, हिंदुस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाए l कहा की जिस तरह मुल्क़ ए हिदुस्तान की आजादी के लिए उलेमा और मदारिसे इस्लामिया ने अंग्रेज़ों से लोहा लिया ठीक उसी तरह आज भी हम अपने मुल्क़ की हिफाज़त के लिए आज भी तैयार है l मुल्क़ की सरहद को जब भी हमारे लहू की ज़रूरत पड़ेगी हम इसके लिए हमेशा तैयार है l

     इस मौक़े पर दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां साहब ने गम और गुस्से का इज़हार करते हुए कहा की पुलवामा में हमारे सैनिको के साथ जो दर्दनाक हादसा हुआ है उसने पुरे मुल्क़ को हिलाकर रख दिया है  l हर हिंदुस्तानी के इस वक़्त आँख नम  है l हम देशहित में लहू बहाने वाले इन बहादुर सैनिको के परिवार वालो के साथ है l

     मदरसा मंज़र ए इस्लाम के प्रधानाचार्य मुफ़्ती अकिल रज़वी ने कहा की मुल्क़ को आज खून खराबा करने वाले संगठनों से  मुक्त कराने के लिए एक सामूहिक अभियान चलाने की जरुरत है l मदरसा शिक्षक मास्टर कमाल ने हुकूमत से सख्त कदम उठाने की मांग की l मौलाना डॉक्टर एजाज अंजुम ने कहा की इंसानियत की हिफाज़त को सभी लोगो को साथ खड़े होने है l

मुफ़्ती सलीम नूरी ने कहा की आला हज़रत ने आज से डेढ़ सौ साल पहले ही खून खराबा और मारकाट में यकीन रखने वालो से होशियार रहने को कहा था l दरगाह आला हज़रत सूफ़ी विचार धारा का केंद्र है यहाँ से  हमेशा अमन और भाईचारे का सन्देश दिया गया है l डॉक्टर मोहम्मद हसन क़ादरी ने कहा की दुश्मनों ने हमारे सैनिको के साथ कायरता पूर्ण व्यहार किया उससे पूरी इंसानियत शर्म सार है l दरगाह से   जुड़े नासिर कुरैशी ने कहा की पुलवामा हमला इंसानियत के खिलाफ हमला है जो इंसानियत का क़त्ल करे वो शख्स कैसे मुस्लमान हो सकता है ेऐसे लोगो  का  इस्लाम से ेऐसे कोई ताल्लुक हो सकता है l

 आखिर  में सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां ने मुल्क़ में अमन ओ अमान और आतंकवाद के खात्मे की दुआ की l

     इस मौक़े पर मुफ़्ती कफील, मुफ़्ती अय्यूब, कारी रिज़वान, कारी अब्दुल हकीम, मौलाना शाकिर अली, मौलाना तय्यब, मौलाना अख्तर, मुफ़्ती अफ़रोज़ आलम, ज़ुबैर रज़ा खान, हाजी जावेद खान, नासिर कुरैशी, अबरार उल हक़, मास्टर इरफ़ान, तारिक़ सईद, शाहिद नूरी, परवेज नूरी, औरंगज़ेब नूरी, अजमल नूरी, आलेनबी, ताहिर अल्वी, मुजाहिद बेग, सय्यद माजिद, यमीन नूरी, मंज़ूर खान आदि लोग मौजूद रहेl

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