October 21, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

ये है उन वीरों की गाथा,जिन्होने पुलवामा मे अपनी जान गवाई

जम्मू-कश्मीर में हुए अब तक के सबसे बड़े आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए और 40 से ज्यादा घायल हुए हैं। जम्मू- श्रीनगर नेशनल हाईवे पर अपराह्न सवा तीन बजे हमलावर ने विस्फोटक भरी कार से सीआरपीएफ काफिले की बस को टक्कर मार दी। धमाका इतना भयंकर था कि बस के परखच्चे उड़ गए। इसके बाद घात लगाए आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग भी की। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्कानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी।

जम्मू-कश्मीर में हुए अब तक के सबसे बड़े आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए और 40 से ज्यादा घायल हुए हैं। जम्मू- श्रीनगर नेशनल हाईवे पर अपराह्न सवा तीन बजे हमलावर ने विस्फोटक भरी कार से सीआरपीएफ काफिले की बस को टक्कर मार दी। धमाका इतना भयंकर था कि बस के परखच्चे उड़ गए। इसके बाद घात लगाए आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग भी की। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्कानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी।

इन शहीदों में महराजगंज के पंकज त्रिपाठी भी शामिल हैं। उनके पिता ओमप्रकाश ने जम्मू सीआरपीएफ मुख्यालय से आए फोन के हवाले से यह जानकारी दी है। परिवार के लोग जम्मू रवाना हो गए हैं। छुट्टी पर आए पंकज तीन दिन पहले ही ड्यूटी पर पुलवामा लौटे थे।

पुलवामा में आतंकियों ने सेना की जिस बस को निशाना बनाया, उसमें कांगड़ा जिले में जवाली के देवा गांव का जवान तिलक राजपुत्र लायक राम भी सवार था। प्रदेश सरकार ने मंत्री किशन कपूर और स्थानीय विधायक अर्जुन को शिमला से जवान के घर रवाना कर दिया है। सरकार और प्रशासन लगातार जवान के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। उधर आतंकी हमले में 42 जवानों की शहादत पर हिमाचल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शोक जताया है।


राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने जहां आतंकी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है, वहीं शहीदों की शहादत को नमन किया है। बजट सत्र के बाद राजभवन में राज्यपाल की ओर से विधायकों को दिया जाने वाला भोज भी रद्द कर दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वह शहीद एवं घायल हुए सैनिकों के दुखद समाचार से आहत हैं। आतंकी घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि शहादत को नमन करता हूं और दुख की इस घड़ी में देश शहीदों के परिवार के साथ है।

 आतंकी हमले में उन्नाव के लोक नगर का वीर सपूत अजीत कुमार (38) शहीद हो गया। गुरुवार देर रात छोटे भाई रंजीत के पास फोन आया तो परिवार में कोहराम मच गया। अजीत चार दिन पहले ही एक महीने की छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर गए थे। सूचना पर डीएम, सिटी मजिस्ट्रेट देर रात शहीद के घर पहुंचे और परिवार को ढाढस बंधाया। शहर के लोक नगर निवासी अजीत कुमार(38) पुत्र प्यारे लाल सीआरपीएफ की 115वीं बटालियन में तैनात थे। गुरुवार शाम वह सीआरपीएफ के काफिले के साथ जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहे थे। तभी पुलवामा अवंतीपोरा में गोरीपोरा में एक आतंकी ने विस्फोटक से भरी कार को जवानों की बस से भिड़ा दिया।

अजीत के शहीद होने की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। शहादत की खबर फैलते ही क्षेत्र शोक में डूब गया। अजीत के छोटे भाई रंजीत ने बताया कि आतंकी हमले की खबर वह टीवी पर देख रहे थे। तभी जम्मू से आए फोन से उन्हें भाई के शहीद होने की खबर मिली। आतंकी हमले में उन्नाव के जवान की शहादत की सूचना मिलते ही डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह शहीद अजीत के घर पहुंचे।

कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में यूपी के कन्नौज जिले का लाल शहीद हो गया। तिर्वा के सुखसेनपुर निवासी जवान प्रदीप सिंह यादव भी उस बटालियन में शामिल थे, जिसे आंतकियों ने निशाना बनाया। रात में यह खबर आई तो परिजनों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। जिले में शोक की लहर दौड़ गई।

तीन दिन पहले छिबरामऊ के शाहजहांपुर निवासी सेना में हवालदार रहे सूर्यप्रताप सिंह की कश्मीर के उरी में हुई मौत की खबर का गम जिला भूल नहीं पाया था कि गुरुवार को पुलवामा में हुई आतंकी घटना में जिले के लाल की शहादत ने सभी को झकझोर दिया।

पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद कानपुर देहात का श्याम बाबू 10 फरवरी को ही ड्यूटी पर गया था। शाम को उसके शहीद होने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। डेरापुर थाना क्षेत्र के नोनारी गांव के मजरा रैगवां निवासी किसान राम प्रसाद के दो बेटों में श्यामबाबू बड़े थे। छोटा बेटा कमलेश प्राइवेट नौकरी करता है। पिता ने बताया कि श्याम बाबू की शादी करीब छह साल पहले रूबी से हुई थी।
उसके चार साल का बेटा और छह महीने की एक बेटी है। मकान बनाने का काम चल रहा था, इसके चलते कुछ दिनों से श्याम बाबू छुट्टी पर था। 29 जनवरी को ड्यूटी पर गए थे और 1 फरवरी को लौट आए थे। 10 फरवरी को फिर ड्यूटी पर चले गए थे।गुरुवार को सीआरपीएफ जवानों पर पुलवामा में हमले की खबर के बाद परिवार चिंतित हो गया था। मीडिया अन्य माध्यमों से श्याम बाबू के शहीद होने की सूचना परिजनों को मिल रही थी। शाम करीब करीब साढ़े छह बजे डेरापुर थाने के सिपाही ने घर जाकर सूचना दी। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को आतंकी हमले में शहीद होने वालों में जिले के चौबेपुर क्षेत्र के तोफापुर के लाल रमेश यादव (26) भी हैं। सीआरपीएफ के जवान रमेश देश की सीमा की सुरक्षा के लिए रमेश 12 फरवरी को घर से रवाना हुए थे। गुरुवार की शाम फोन आया कि रमेश शहीद हो गए हैं तो बूढ़े पिता किसान श्याम नारायण गश खाकर जमीन पर गिर पड़े जबकि पत्नी रेनू अचेत हो गई।

पुलवामा में हुए आतंकी हमले में वाराणसी में चंदौली के पड़ाव क्षेत्र के बहादुरपुर गांव का अवधेश यादव उर्फ दीपू शहीद हो गया। मंगलवार को तीन दिन पहले ही घर से ड्यूटी पर लौट था। हालांकि अभी घर वालों की उसके शहीद होने की सूचना नहीं दी गई है। वहीं घटना की जनकारी होने के बाद पास पड़ोस और ग्रामीणों का घर पर जमावड़ा हो गया।
बहादुरपुर गांव के हरिकेश यादव के चार बेटे-बेटियों में अवधेश सबसे बड़ा था। वर्ष 2006 में वह सीआरपीएफ की 145वीं बटालियन में भर्ती हुआ था। परिवार में पिता के अलावा मां मालती देवी हैं, जो कैंसर से पीड़ित है। दो बहनों की शादी हो चुकी है। छोटा भाई बृजेश यादव पढ़ाई कर रहा है। अवधेश की शादी तीन साल पहले सैयदराजा के पूरवा गांव निवासी जनार्दन यादव की बेटी शिल्पी के साथ हुई थी। शिल्पी का तीन साल का एक बेटा भी है।

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में इटावा के रहने वाले सीआरपीएफ के हेड कॉन्स्टेबल रामवकील माथुर शहीद हो गए।शहादत की खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया। हेड कॉन्स्टेबल रामवकील माथुर के शहीद होने की खबर जब घर पहुंची तो पूरे जिला गम में डूब गया। इटावा के अशोक नगर इलाके में अपने मायके में रह रहीं गीता और उसके तीन बेटे और गीता के मां बाप को जब यह पता चला कि उनके दामाद रामवकील माथुर की पुलवामा जम्मू कश्मीर में एक आतंकी हमले में शहीद हो गये। लोगों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। बड़े बेटे राहुल की उम्र 12 वर्ष है।जो केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 8 का छात्र है और उससे 2साल छोटा साहुल जो कक्षा 7 में पढ़ता है।

उत्तराखंड उधमसिंह नगर जिले के खटीमा के मोहम्मदपुर भुढ़िया गांव के रहने वाले शहीद वीरेंद्र सिंह हैं। इनके दो छोटे बच्चे है। गुरुवार रात करीब नौ बजे सेना के एक अधिकारी ने उकनी पत्नी को फोन पर शहादत की जानकारी दी है। इसके बाद से घर में कोहराम मचा गया। शहीद वीरेंद्र सिंह राणा के पिता दीवान सिंह है। शहीद वीरेंद्र सिंह के दो बड़े भाई ( जय राम सिंह व राजेश राणा) हैं। जयराम सिंह बीएसएफ के रिटायर्ड सूबेदार हैं, जबकि राजेश राणा घर में खेती बाड़ी का काम देखते हैं। शहीद वीरेंद्र सिंह के बहनोई रामकिशन ने बताया कि वीरेंद्र के दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी 5 साल की, जबकि ढाई साल का बेटा है। उन्होंने बताया कि वीरेंद्र दो दिन पहले ही 20 दिन की छुट्टी बिताने के बाद जम्मू के लिए रवाना हुआ था। वीरेंद्र सिंह सीआरपीएफ की 45वींबटालियन में जम्मू-कश्मीर में तैनात थे।

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आंतकी हमले में अमित कुमार पुत्र सोहनलाल निवासी शामली जनपद के शहीद होने की पुष्टि हो गई है। शुक्रवार सुबह करीब 6:15 बजे परिजनों के पास सीआरपीएफ से फोन गया है। बताया गया कि अमित का परिवार शामली शहर के रेल पार रहता है। वह 2017 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। 12 फरवरी को ही 20 दिन की छुट्टी के बाद वापस गया था। परिवार में चार भाई और एक बहन हैं। करीब 21 वर्षीय अमित अविवाहित है।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में प्रदीप दो दिन पहले ही तयेरे भाई की शादी के बाद लौटा था। सुबह 11 बजे भी परिजनों से प्रदीप की फोन पर बात हुई थी, लेकिन शाम को ही उसकी शहादत की खबर आ गई। प्रदीप के पिता जगदीश का कहना है कि उसे गर्व है कि उसका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है, लेकिन वह चाहते हैं कि मोदी सरकार उसकी शहादत का ऐसा बदला ले।परिजनों के अनुसार प्रदीप वर्ष 2003 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। वर्तमान में उसकी पोस्टिंग श्रीनगर में थी। उसकी पत्नी कामिनी और दो बेटे सिद्धार्थ और दुष्यंत गाजियाबाद में रहते हैं। बाकी परिजन गांव में। परिजनों ने बताया कि आठ फरवरी को ही वो अपने ताऊ के लड़के अमित की शादी में छुट्टी लेकर आया था। गाजियाबाद के गोविंदपुरम निवासी उसकी पत्नी और बच्चे भी आए थे। सब बड़े खुश थे। 12 फरवरी को ही वो वापस ड्यूटी पर गया था। चचेरे भाई उमेश कुमार के अनुसार  के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे ही प्रदीप का फोन उनके पास आया था।

इन शहीदों में महराजगंज के पंकज त्रिपाठी भी शामिल हैं। उनके पिता ओमप्रकाश ने जम्मू सीआरपीएफ मुख्यालय से आए फोन के हवाले से यह जानकारी दी है। परिवार के लोग जम्मू रवाना हो गए हैं। छुट्टी पर आए पंकज तीन दिन पहले ही ड्यूटी पर पुलवामा लौटे थे।

पुलवामा में आतंकियों ने सेना की जिस बस को निशाना बनाया, उसमें कांगड़ा जिले में जवाली के देवा गांव का जवान तिलक राजपुत्र लायक राम भी सवार था। प्रदेश सरकार ने मंत्री किशन कपूर और स्थानीय विधायक अर्जुन को शिमला से जवान के घर रवाना कर दिया है। सरकार और प्रशासन लगातार जवान के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। उधर आतंकी हमले में 42 जवानों की शहादत पर हिमाचल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शोक जताया है।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने जहां आतंकी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है, वहीं शहीदों की शहादत को नमन किया है। बजट सत्र के बाद राजभवन में राज्यपाल की ओर से विधायकों को दिया जाने वाला भोज भी रद्द कर दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वह शहीद एवं घायल हुए सैनिकों के दुखद समाचार से आहत हैं। आतंकी घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि शहादत को नमन करता हूं और दुख की इस घड़ी में देश शहीदों के परिवार के साथ है।

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