प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में भाजपा अध्यक्ष व गृहमंत्री अमित शाह कामकाज व अहमियत के हिसाब से सबसे सशक्त केंद्रीय मंत्री बन गए हैं। शाह को बुधवार को गृहमंत्री होने के नाते केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति (सीसीएस) में शामिल करने के साथ नवगठित दो मंत्रिमंडलीय समितियों में दूसरे नंबर पर रखा गया है।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में निवेश व रोजगार को लेकर बनाई गई दो नई कैबिनेट समितियों में शाह को शामिल करने के साथ दूसरे स्थान पर रखा गया है। शाह ने सरकार में आते ही जिस तेजी से काम शुरू किया है उससे उनकी भूमिका बढ़ने लगी है। अब निवेश व रोजगार जैसे मसलों में भी उनको अहमियत दी गई है। इससे सरकार में शाह का कद साफ हो गया है। इन समितियों में वित्त मंत्री होने के नाते निर्मला सीतारमण व उद्योग व वाणिज्य मंत्री होने के नाते पियूष गोयल को भी शामिल किया गया है। केंद्र सरकार में शाह का नाम भले ही तीसरे नंबर पर हो, लेकिन जिस तरह से उनको सरकार में जगह मिल रही है, उससे वह मोदी सरकार के सबसे ताकतवर व प्रभावी मंत्री बन गए हैं। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में सरकार के कामकाज पर शाह का असर भी जल्दी ही सामने आएगा। साफ है कि सरकार में उनकी भूमिका गृह मंत्रालय के बाहर भी विभिन्न मंत्रालयों में रहेगी।

भाजपा में जल्द शुरू होगी संगठन चुनाव प्रक्रिया

भाजपा में संगठन चुनावों की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है, जिसके तहत मंडल, जिले व प्रदेश के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्वाचन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में चार से छह माह का समय लग सकता है। आमतौर पर निवर्तमान अध्यक्ष के रहते ही नए अध्यक्ष का चुनाव होता है। इस समय राष्ट्रीय अध्यक्ष के केंद्र सरकार में गृह मंत्री बन जाने पर वे खुद ही अध्यक्ष रहते नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरा कर सकते हैं या उनके पद छोड़ने की स्थिति में पार्टी का केंद्रीय संसदीय बोर्ड अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त कर सकता है।

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