राँची:- अरगोड़ा थाना क्षेत्र के वीर कुंवर सिंह चौक के समीप बुधवार की देर रात हुई गोलीबारी में हरमू इमली चौक निवासी मोहम्मद अहबाब (34 वर्ष) पिता मोहम्मद अलीजान की मौत गोली लगने से हो गई। गोली अहबाब के पेट और सीने में लगी थी। गंभीर हालत में उसे रिम्स में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के विरोध में गुरुवार की सुबह स्थानीय लोगों ने हरमू रोड के कार्तिक उरांव चौक पर रोड जाम कर दियाऔर टायर जलाकर हंगामा करने लगे। सूचना पाकर अरगोड़ा और सुखदेवनगर पुलिस पहुंची। लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटाने का प्रयास किया किंतु लोग टस से मस नही हुए ।उपस्थित लोग हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग कर रहेे थे। आखिरकार जाम हटाने के लिए हटिया डीएसपी प्रभात रंजन बरवार आना पड़ा और उन्होंने लोगों को समझाया। परिजनों और स्थानीय लोगों को हत्या के आरोपी धर्मेंद्र सहित अन्य की शाम तक गिरफ्तारी का आश्वासन दिया । तब जाकर लोग माने और जाम हटा लिया ।

प्राप्त सूचना के अनुसार वीर कुंवर सिंह चौक के पास कुछ युवक नशे का सेवन कर रहे थे। उसी दौरान उन युवकों के बीच मारपीट हो गई। मारपीट छुड़ाने गए अहबाब पर धर्मेंद्र नाम के युवक ने गोली चला दी। गोली अहबाब के पेट और सीने में लगी। अहबाब वहीं गिर पड़ा। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग और परिजन वहां पहुँचे और आनन-फानन में घायल अहबाब को लेकर रिम्स पहुंचे। घटना की सूचना मिलने पर अरगोड़ा थाना प्रभारी राजीव रंजन लाल, हटिया डीएसपी प्रभात रंजन बरवार घटनास्थल पर पहुंचे और इस बाबत जानकारी जानकारी हासिल की।

अहबाब के रिश्तेदार मुरसलीन के अनुसार धर्मेंद्र और रंजीत नाम के युवक नशे में झगड़ा कर रहे थे। मनीष, श्रीकांत सहित अन्य युवक भी वहां मौजूद थे। इस दौरान अहबाब वहां बीच-बचाव कर मामले को सुलझाने को सुलझाने का प्रयास करने लगा ।

तभी धर्मेंद्र अपने घर गया और हथियार लेकर वापस आया। और उसने अहबाब पर गोली चला दी। फिर मौके से भाग निकला। पुलिस ने मनीष नाम के युवक को हिरासत मे लिया है। पुलिस गोली चलाने वाले धर्मेंद्र सहित अन्य की तलाश में छापेमारी कर रही है।
स्कूल बस में कंडक्टर था अहबाब
परिजनों के अनुसार अहबाब टाटीसिलवे के सरला बिरला स्कूल की बस में कंडक्टर का काम करता था। उसके अलावा टेलरिंग का काम भी करता था। वह शादीशुदा था और उसके दो बच्चे भी हैं। घटना के बाद परिवार और मोहल्ले के लोग बड़ी संख्या में रिम्स पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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